दयालबाग में लोहड़ी का दिव्य उत्सव, भक्ति, सेवा और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत संगम

लोहड़ी के पावन पर्व पर दयालबाग में भक्ति, सेवा, श्रम और उल्लास का अनुपम दृश्य देखने को मिला। खेतों से लेकर विद्युत नगर तक आयोजित बहुचरणीय कार्यक्रमों में जेंडर-फ्री सुपर ह्यूमन बच्चों, विद्यार्थियों और सतसंगियों की सहभागिता ने पर्व को आध्यात्मिक ऊंचाई और वैश्विक स्वरूप प्रदान किया।

Jan 13, 2026 - 20:02
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दयालबाग में लोहड़ी का दिव्य उत्सव, भक्ति, सेवा और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत संगम
लोहड़ी पर्व के मौके पर दयालबाग में मंगलवार को हुए विविध कार्यक्रमों की एक झलक।

आगरा। आज प्रातःकाल से ही दयालबाग में लोहड़ी के पावन पर्व का उल्लासपूर्वक शुभारंभ हुआ। डन ट्यूबवेल, विद्युत नगर स्थित खेतों पर सभी सतसंगी भाई-बहन एवं बच्चे नियत समय पर प्लांटेशन मेंटेनेंस कार्य हेतु पहुंचे, जहां श्रम, सेवा और उत्सव की त्रिवेणी एक साथ प्रवाहित हुई।

लोहड़ी के मौके पर दयालबाग में आयोजित कार्यक्रमों का अवलोकन करते हुजूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी। 

इस अवसर पर जेंडर-फ्री सुपर ह्यूमन, जिनकी आयु 3 सप्ताह से 12 वर्ष तक है, की रंग-बिरंगी भेष-भूषा एवं परिधान लोहड़ी के उल्लास में सराबोर रहे और कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बने। सभी जेंडर-फ्री सुपर ह्यूमन हुज़ूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी साहब के सान्निध्य में लोहड़ी का पर्व मनाने हेतु अत्यंत उत्साहित एवं आनंदित दिखाई दिए।

गुरु महाराज एवं रानी साहिबा जब खेतों में पधारे, तब नियमित कृषि गतिविधियों के साथ-साथ लोहड़ी से संबंधित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। इन प्रस्तुतियों में जेंडर-फ्री सुपर ह्यूमन बच्चों ने अत्यंत भावपूर्ण एवं मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनसे उपस्थितजन भाव विभोर हो उठे।

इस भव्य लोहड़ी आयोजन में देश-विदेश से लाखों सतसंगियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यमों से सहभागिता की। उत्सव का उल्लास तब और भी बढ़ गया जब प्रातः 8 बजे तथा पुनः दोपहर में गुरु महाराज एवं रानी साहिबा की गरिमामयी उपस्थिति में विद्युत नगर पर कार्यक्रम का द्वितीय एवं तृतीय चरण जोश और उमंग के साथ प्रारंभ हुआ।

द्वितीय चरण में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट (डीईआई) के विद्यार्थियों द्वारा लोहड़ी के उपलक्ष्य में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्होंने उत्सव को और अधिक जीवंत बना दिया। तृतीय चरण में भी लोहड़ी के उल्लास से ओतप्रोत रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

लोहड़ी महोत्सव का यह भव्य आयोजन देश-विदेश के लगभग 580 केंद्रों पर सजीव प्रसारण के माध्यम से देखा गया। विशेष रूप से देश-विदेश की सभी प्रमुख शाखाओं एवं केंद्रों ने वीडियो माध्यम से अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां साझा कीं, जिससे वैश्विक सतसंग समुदाय की व्यापक और समरस भागीदारी सुनिश्चित हुई।

आज का यह लोहड़ी महोत्सव संपूर्ण सतसंग जगत को आनंद, उमंग और सांस्कृतिक समरसता के रंग में सराबोर कर गया। तत्पश्चात परम पूज्य हुज़ूर पावन कोठी की ओर ई.वी. से प्रस्थान करते समय मार्ग में उपस्थित समस्त भक्तजनों को अपनी आलौकिक दिव्य दृष्टि से भावविभोर करते गए।

SP_Singh AURGURU Editor