आगरा में पेयजल व्यवस्था होगी और सुरक्षित, जलकल विभाग का फुलप्रूफ प्लान लागू
आगरा। महानगर की पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित, शुद्ध और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए नगर निगम के जलकल विभाग ने व्यापक और फुलप्रूफ कार्ययोजना पर अमल शुरू कर दिया है। शहर की कॉलोनियों और मोहल्लों से गुजरने वाली मुख्य पाइप लाइनों से उपभोक्ताओं के कनेक्शन हटाए जाएंगे, जबकि उनके स्थान पर ब्रांच पाइप लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इसके लिए पूरे शहर में तेजी से सर्वे कराया जा रहा है।
मुख्य पाइप लाइनों से हटेंगे कनेक्शन, ब्रांच लाइन से मिलेगा पानी
आगरा। महानगर की पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित, शुद्ध और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए नगर निगम के जलकल विभाग ने व्यापक और फुलप्रूफ कार्ययोजना पर अमल शुरू कर दिया है। शहर की कॉलोनियों और मोहल्लों से गुजरने वाली मुख्य पाइप लाइनों से उपभोक्ताओं के कनेक्शन हटाए जाएंगे, जबकि उनके स्थान पर ब्रांच पाइप लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। इसके लिए पूरे शहर में तेजी से सर्वे कराया जा रहा है।
इंदौर घटना के बाद आगरा में बढ़ी सतर्कता
मध्यप्रदेश के इंदौर में हुई हालिया पेयजल संबंधी घटना के बाद आगरा शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल और जलकल विभाग के महाप्रबंधक ए.के. राजपूत स्वयं इस पूरी व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर तकनीकी चूक न रह जाए।
पुरानी पाइप लाइनों से बढ़ी समस्या
जलकल विभाग के अनुसार पुराने शहर के अधिकांश इलाकों में ब्रिटिशकालीन जलापूर्ति नेटवर्क अब जर्जर हो चुका है। पुरानी पाइप लाइनों में लीकेज की समस्या बनी रहती है।
गंदा पानी मिलने की शिकायतें आती रहती हैं। महाप्रबंधक ए.के. राजपूत ने बताया कि ऐसी सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और उपभोक्ताओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
पूरे नेटवर्क का सर्वे, काम होगा चरणबद्ध
नगर निगम सीमा के अंतर्गत जहां-जहां जलकल विभाग की पाइप लाइनें बिछी हैं, वहां व्यापक सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे कार्य को और तेज करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
महाप्रबंधक ने बताया कि सुधार कार्य कई चरणों में किया जाएगा। पहला चरण पानी की गुणवत्ता की टेस्टिंग बढ़ाई जाएगी। नालों और नालियों से गुजरने वाली उपभोक्ता पाइप लाइनों की जांच की जाएगी। दूसरे चरण के तहत मुख्य पाइप लाइन में सीधे जुड़े उपभोक्ता कनेक्शन हटाए जाएंगे। इन स्थानों पर ब्रांच पाइप लाइन डाली जाएगी।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से टेल प्वाइंट तक निगरानी
अब वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर अंतिम छोर (टेल प्वाइंट) तक पानी की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जा रही है। पानी के नमूनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई होगी। 5 से अधिक कनेक्शन पर डाली जाएगी नई ब्रांच लाइन। जलकल विभाग के महाप्रबंधक ए.के. राजपूत ने स्पष्ट किया कि जहां पांच या उससे अधिक कनेक्शन हैं, वहां नई ब्रांच पाइप लाइन डाली जाएगी। मुख्य पाइप लाइन में अब किसी भी स्थिति में उपभोक्ता कनेक्शन नहीं रहेंगे। इससे मुख्य लाइन में लीकेज और दूषित पानी मिलने की संभावना काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। फिलहाल ऐसी गलियों और मोहल्लों को चिन्हित करने का सर्वे जारी है और ब्रांच लाइन का काम जल्द शुरू होगा।
रविवार को भी समीक्षा, लापरवाही पर सख्त चेतावनी
महाप्रबंधक ए.के. राजपूत ने रविवार को भी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पेयजल व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी और कर्मचारी लगातार फील्ड में रहें और जहां भी अव्यवस्था दिखे, उसे तत्काल दूर करें।