राष्ट्रपति के अभिभाषण के बीच नारेबाजी-हंगामा, जी राम जी कानून का जिक्र होते ही भड़का विपक्ष  

राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान आज संसद में हंगामे की स्थिति बन गई। दरअसल, जैसे ही राष्ट्रपति ने जी राम जी कानून का जिक्र किया विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी।

Jan 28, 2026 - 12:35
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राष्ट्रपति के अभिभाषण के बीच नारेबाजी-हंगामा, जी राम जी कानून का जिक्र होते ही भड़का विपक्ष  


 
नई दिल्ली। बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डिफेंस से लेकर ट्रेड तक भारत की तरक्की के बारे में विस्तार से बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि साल 2026 के साथ, हमारा देश इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। भारत के लिए, इस सदी के पहले 25 साल कई सफलताओं, गर्व भरी उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरे रहे हैं। पिछले 10-11 सालों में, भारत ने हर सेक्टर में अपनी नींव मजबूत की है। यह साल विकसित भारत की हमारी यात्रा के लिए एक बड़ा आधार है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान एक समय ऐसा भी आया, जब विपक्ष ने बीच अभिभाषण में ही नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। दरअसल, अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने विकसित भारत-जी राम जी कानून का भी जिक्र किया। इस दौरान विपक्षी पार्टियां भड़क गईं और नारेबाजी करने लगीं। राष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी कानून बनाया गया है। राष्ट्रपति के इतना कहते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।  
 
राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान जब विपक्ष नारेबाजी कर रहा था, तब एनडीए समर्थकों ने मेज थपथपाकर अभिभाषण और जी राम जी कानून का समर्थन किया। विपक्षी सांसद इस दौरान वापस लो, वापस लो, ये कानून वापस लो जैसे नारे लगाते रहे। हालांकि, कुछ मिनटों तक नारेबाजी करने के बाद विपक्षी सांसद शांत हो गए और राष्ट्रपति का अभिभाषण जारी रहा।

बता दें कि पिछले संसद सत्र में मोदी सरकार मनरेगा की जगह यह नया कानून लेकर आई थी। विपक्ष इस कानून के नाम पर आपत्ति कर रहा था, जिसमें महात्मा गांधी का नाम नहीं था और दूसरा, सरकार ने इसमें वित्तीय भार का कुछ हिस्सा राज्यों के कंधों पर भी डाल दिया था।