जनसुनवाई में भावुक पल, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष के सामने बेहोश हुई पीड़िता, एंबुलेंस देरी पर उठे सवाल

आगरा। सर्किट हाउस में आयोजित राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पीड़ित महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। यह घटना उस वक्त हुई, जब उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान महिला की शिकायत सुन रही थीं। अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद अधिकारी और फरियादी सकते में आ गए।

Dec 23, 2025 - 20:59
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जनसुनवाई में भावुक पल, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष के सामने बेहोश हुई पीड़िता, एंबुलेंस देरी पर उठे सवाल
जनसुनवाई के दौरान बेहोश हुई महिला की देखभाल करतीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान।

आगरा। सर्किट हाउस में आयोजित राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पीड़ित महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। यह घटना उस वक्त हुई, जब उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान महिला की शिकायत सुन रही थीं। अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद अधिकारी और फरियादी सकते में आ गए।

जानकारी के अनुसार, बेहोश हुई महिला आगरा के बमरौली कटारा क्षेत्र की रहने वाली है। उसने वर्ष 2023 में बोदला क्षेत्र निवासी अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लंबे समय से न्याय न मिलने और सुनवाई में देरी के कारण महिला गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में चली गई थी। परिजनों के अनुसार, वह पिछले तीन दिनों से कुछ खा-पी भी नहीं रही थी, जिससे उसकी तबीयत और अधिक कमजोर हो गई।

जनसुनवाई के दौरान जैसे ही महिला अपनी आपबीती बयां कर रही थी, उसी दौरान वह अचानक बेहोश हो गई। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत महिला को घोल पिलाया और 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस बुलवाई। इसके बाद वह स्वयं सर्किट हाउस के गेट पर करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करती रहीं, लेकिन तय समय पर एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।

करीब 30 मिनट बाद एक साथ तीन एंबुलेंस सर्किट हाउस पहुंचीं। इसके बाद बबीता चौहान ने महिला को उसकी मां के साथ एंबुलेंस में बैठवाया और तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की देरी पर नाराजगी भी जाहिर की।

इस घटना ने जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की मानसिक स्थिति और न्याय प्रक्रिया में होने वाली देरी की गंभीरता को उजागर कर दिया। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने महिला आयोग अध्यक्ष की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की।