ब्रज में बंशीवट से हटेंगे विलायती बबूल, लगेंगे कृष्णकालीन और पौराणिक वृक्ष, पद्म भूषण दाजी ने किया बंशीवट, भांडीर वन और कुंभ क्षेत्र का निरीक्षण, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का लिया संकल्प

मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली बंशीवट को उसके मूल स्वरूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के आग्रह पर वैश्विक आध्यात्मिक संस्था हार्टफुलनेस द्वारा बंशीवट क्षेत्र से विलायती बबूल को हटाकर कृष्णकालीन एवं पौराणिक महत्व के वृक्षों का रोपण किया जाएगा।

Jun 10, 2026 - 18:46
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ब्रज में बंशीवट से हटेंगे विलायती बबूल, लगेंगे कृष्णकालीन और पौराणिक वृक्ष, पद्म भूषण दाजी ने किया बंशीवट, भांडीर वन और कुंभ क्षेत्र का निरीक्षण, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का लिया संकल्प
ब्रज में बंशीवट और भांडीर वन क्षेत्र का बुधवार को निरीक्षण करते पद्म भूषण डॉ. कमलेश डी. पटेल (दाजी)। साथ हैं ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन व अन्य।

बुधवार को हार्टफुलनेस के वैश्विक मार्गदर्शक एवं पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. कमलेश डी. पटेल (दाजी) ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन के साथ बंशीवट, भांडीर वन, महर्षि देवराह बाबा आश्रम, यमुना तट, कुंभ क्षेत्र और पर्यटन सुविधा केंद्र (टीएफसी) का भ्रमण किया।

बंशीवट में दाजी ने तकनीकी दल के साथ वन क्षेत्र का निरीक्षण किया। परिषद के ईको-रेस्टोरेशन प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया कि 19 हेक्टेयर क्षेत्र में से लगभग 13.70 हेक्टेयर भूमि पर विलायती बबूल का विस्तार है। इसे चरणबद्ध तरीके से हटाकर कृष्णकालीन एवं पौराणिक महत्व के वृक्ष लगाए जाएंगे। मंदिर परिसर में दाजी ने ध्यान सत्र का संचालन भी किया।

इस अवसर पर डॉ. कमलेश डी. पटेल (दाजी) ने कहा कि ब्रज केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि विश्व की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। इसकी प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।

ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने दाजी को बंशीवट और आसपास के क्षेत्रों के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी।

इसके बाद दाजी ने भांडीर वन, महर्षि देवराह बाबा आश्रम, घाटों और कुंभ क्षेत्र में किए गए वृक्षारोपण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने पर्यटन सुविधा केंद्र (टीएफसी) का भी निरीक्षण किया, जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

भ्रमण के दौरान तकनीकी विशेषज्ञ आर.पी. सिंह, एसडीएम मांट, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता प्रशांत गौतम तथा हार्टफुलनेस संस्था की टीम के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor