आगरा में फर्जी आईटीसी का खुलासा, बोगस फर्मों के जरिए करोड़ों की जीएसटी चोरी, चार पर एफआईआर दर्ज

आगरा। जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के नाम पर बड़े पैमाने पर करापवंचन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। केन्द्रीय क्षेत्राधिकार में पंजीकृत कई फर्मों द्वारा अस्तित्वहीन और फर्जी फर्मों का सहारा लेकर सुनियोजित ढंग से बोगस आईटीसी का लाभ उठाया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुँची है।

Dec 20, 2025 - 19:58
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आगरा में फर्जी आईटीसी का खुलासा, बोगस फर्मों के जरिए करोड़ों की जीएसटी चोरी, चार पर एफआईआर दर्ज
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आगरा। जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के नाम पर बड़े पैमाने पर करापवंचन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। केन्द्रीय क्षेत्राधिकार में पंजीकृत कई फर्मों द्वारा अस्तित्वहीन और फर्जी फर्मों का सहारा लेकर सुनियोजित ढंग से बोगस आईटीसी का लाभ उठाया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुँची है।

मामले में संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक), राज्य कर आगरा संभाग-बी के निर्देश पर लोहामंडी थाना में चार फर्जी फर्मों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह कार्रवाई संयुक्त आयुक्त गोपाल तिवारी द्वारा भेजे गए विस्तृत पत्र के आधार पर की गई है।

कूटरचित दस्तावेजों से कराया गया पंजीकरण

जांच में सामने आया है कि संबंधित फर्मों का जीएसटी पंजीकरण फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कराया गया था। इन फर्मों ने न तो कोई वास्तविक वस्तु खरीदी और न ही कोई सेवा ली, बावजूद इसके कागजी लेन-देन दिखाकर बोगस इनवर्ड सप्लाई दर्शाई गई। इन्हीं फर्जी लेन-देन के आधार पर इन फर्मों ने अनुचित रूप से आईटीसी का दावा किया और बाद में उसी फर्जी आईटीसी का उपयोग अपनी आउटवर्ड सप्लाई की करदेयता चुकाने में किया गया।

जीएसटी अधिनियम का खुला उल्लंघन

संयुक्त आयुक्त द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना वास्तविक आपूर्ति के आईटीसी का दावा जीएसटी अधिनियम की धारा 16 के अंतर्गत पूरी तरह अवैध है। इसके बावजूद संबंधित फर्मों ने नियमों को ताक पर रखकर फर्जी आईटीसी का इस्तेमाल किया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचा।

इन चार फर्जी फर्मों पर दर्ज हुई एफआईआर

विभाग ने रितेश एंटरप्राइजेज के स्वामी रितेश सिंह निवासी ताजगंज, आगरा,  मनीषा एंटरप्राइजेज, फर्म स्वामिनी मनीषा मोतीलाल गेहानी निवासी आगरा कैंट, मधु नगर, सुखमनी ट्रेडर्स फर्म स्वामिनी सोनिया रानी निवासी देवरी रोड, गोपालपुरा, आगरा और जोनी ट्रेडर फर्म स्वामी जोनी कुमार निवासी ताजनगरी-2, ताजगंज, आगरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। 

नेटवर्क खंगालने में जुटा विभाग

इस कार्रवाई के बाद कर विभाग ने जीएसटी चोरी में लिप्त अन्य संदिग्ध फर्मों की भी गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल चार फर्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे फर्जी आईटीसी का एक संगठित नेटवर्क काम कर सकता है। कर विभाग ने साफ किया है कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।