फायर ब्रिगेड की परीक्षा, प्रशासन की चूक, नाई की मंडी की आग ने खोली पोल

आगरा के नाई की मंडी क्षेत्र में संकरी गली में स्थित फोम गोदाम में लगी आग ने प्रशासनिक लापरवाही और रिहायशी इलाकों में अवैध/असुरक्षित गोदाम संचालन की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना भविष्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

Jan 20, 2026 - 11:03
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फायर ब्रिगेड की परीक्षा, प्रशासन की चूक, नाई की मंडी की आग ने खोली पोल
संकरी गली में स्थित गोदाम में लगी आग बुझाते दमकलकर्मी ।

बिना निगरानी चल रहे गोदाम, आगरा की गलियों में मंडराता खतरा, नियम कागजों में, गोदाम गलियों में, आग की घटना बनी सबक

आगरा। थाना नाई की मंडी क्षेत्र के बड़ा गालिबपुरा की नेहरा वाली गली में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक फोम के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। संकरी गली में उठती आग की ऊंची लपटों और धुएं ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

दमकल के लिए संकरी गलियां बनीं बड़ी बाधा

मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र कुमार सिंह के अनुसार, इमरान नामक व्यक्ति ने अपने घर के भूतल पर फोम का गोदाम बना रखा था, जबकि परिवार ऊपर की मंजिल पर रह रहा था। सुबह करीब 8:30 बजे गोदाम में आग भड़क उठी, जो देखते ही देखते बेकाबू हो गई।

इलाका अत्यंत संकरा होने के कारण दमकल की गाड़ियां अंदर तक नहीं पहुंच सकीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने करीब सौ फीट लंबे एक दर्जन पाइप जोड़कर आग तक पहुंच बनाई। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

चेतावनी है यह घटना

यह घटना सिर्फ एक आगजनी नहीं, बल्कि प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। रिहायशी और संकरी गलियों में ज्वलनशील सामग्री के गोदाम और फैक्ट्री संचालन खुलेआम हो रहे हैं, लेकिन न तो नियमित जांच हो रही है और न ही सख्त कार्रवाई। यदि आग और फैलती या ऊपर रह रहे परिवार को निकलने का मौका न मिलता, तो यह हादसा जानलेवा भी हो सकता था। 

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन गोदामों को संचालन की अनुमति मिली थी? अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं कराया गया? संकरी गलियों में आपात स्थिति से निपटने की कोई ठोस योजना क्यों नहीं?

शॉर्ट सर्किट बताया गया कारण

प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ज्वलनशील फोम जैसे पदार्थों के भंडारण में थोड़ी सी चिंगारी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। ऐसे में विस्तृत जांच और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।