बीच चौराहे पूर्व चेयरमैन के बेटे ने चाचा को पीटा, 30 सेकेंड में 15 थप्पड़, वीडियो वायरल
आगरा के कागारौल चौराहे पर पूर्व चेयरमैन अनिल गर्ग के बेटे उन्नत गर्ग ने अपने चाचा गोपाल गर्ग के साथ सरेआम मारपीट की। घटना का वीडियो वायरल हो गया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी पुराने बैंक फ्रॉड केस को वापस लेने का दबाव बना रहे थे। पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और वीडियो की जांच के बाद सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पुराना मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा था आरोपी, कागारौल चौराहे पर ड्राइवर के साथ मिलकर की मारपीट, एफआईआर दर्ज
आगरा। आगरा में सियासी रसूख का सरेआम प्रदर्शन करते हुए पूर्व चेयरमैन अनिल गर्ग उर्फ अन्नी के बेटे उन्नत गर्ग ने अपने ही चाचा गोपाल गर्ग के साथ बीच चौराहे पर बेरहमी से मारपीट कर दी। यह सनसनीखेज घटना कागारौल चौराहे की है, जहां भरे बाजार में उन्नत गर्ग ने महज 30 सेकेंड में करीब 15 थप्पड़ जड़ दिए। इतना ही नहीं, इस हमले में पूर्व चेयरमैन का ड्राइवर ब्रजेश कुमार उर्फ विज्जो भी शामिल रहा, जिसने उन्नत गर्ग के साथ मिलकर पीड़ित पर थप्पड़ और घूंसे बरसाए।
मारपीट का वीडियो आया सामने
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें आरोपी खुलेआम कानून को ठेंगा दिखाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। पीड़ित गोपाल गर्ग की तहरीर पर खेरागढ़ कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
मुकदमा वापस लेने का बना रहे थे दबाव
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपी लंबे समय से एक पुराने मुकदमे को वापस लेने का दबाव बना रहे थे। सोमवार दोपहर गोपाल गर्ग कागारौल चौराहे के बाजार में सामान खरीदने गए थे, तभी उन्नत गर्ग ने उनका पीछा कर रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि पहले गाली-गलौज की गई और मुकदमा वापस लेने की धमकी दी गई। जब पीड़ित ने इनकार किया, तो आरोपी ने ड्राइवर के साथ मिलकर सरेआम मारपीट शुरू कर दी और बाजार में ही छोड़कर फरार हो गया।
जान से मारने की धमकी का भी आरोप
पीड़ित का कहना है कि मारपीट के दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के समय मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि आरोपी बेखौफ होकर हमला करते रहे।
2017 के बैंक फ्रॉड से जुड़ा है विवाद
पीड़ित गोपाल गर्ग ने बताया कि 17 अगस्त 2017 को उनके बैंक खाते से फर्जी हस्ताक्षर कर 88 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। उनका कहना है कि न तो उन्होंने कोई चेक दिया था और न ही उस पर किए गए हस्ताक्षर उनके हैं। शिकायत पर बैंक ने हस्ताक्षरों को संदिग्ध मानते हुए बाद में रकम वापस कर दी, लेकिन आरोप है कि उस समय थाने में एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
इसके बाद पीड़ित ने सिविल कोर्ट आगरा में मामला दर्ज कराया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 406 के तहत बैंक प्रबंधक और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
जांच में सामने आया चौंकाने वाला नाम
पुलिस जांच में बाद में यह तथ्य सामने आया कि जिस अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, उसकी पहचान पीड़ित के भाई और पूर्व चेयरमैन अनिल गर्ग के रूप में हुई।
पुलिस का बयान
थाना प्रभारी मदन सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मारपीट के वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।