घी में मिलावट से लेकर विदेशी निवेश तक,भोले बाबा–दाऊजी ग्रुप पर आयकर विभाग की कड़ी कार्रवाई

आगरा के घी निर्माताओं पर आयकर विभाग की 5 दिन चली बड़ी कार्रवाई में भोले बाबा, दाऊजी समेत 5 ग्रुप पर 700 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी, बोगस बिलिंग, आईटीसी हेराफेरी और अघोषित विदेशी निवेश के सबूत मिले। 5 करोड़ नकद, 18 करोड़ के जेवर जब्त किए गए। दाऊजी ग्रुप के घी में मिलावट की पुष्टि FSSAI लैब रिपोर्ट में हुई है। जांच के बाद भारी पेनल्टी और आगे कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

Jan 21, 2026 - 19:45
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घी में मिलावट से लेकर विदेशी निवेश तक,भोले बाबा–दाऊजी ग्रुप पर आयकर विभाग की कड़ी कार्रवाई
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भोले बाबा–दाऊजी समेत 5 ग्रुप पर 131 घंटे की सर्च, 700 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी उजागर

आगरा। आगरा में डेयरी उत्पाद, खासकर घी निर्माण से जुड़े बड़े कारोबारियों पर आयकर विभाग की ऐतिहासिक कार्रवाई मंगलवार को समाप्त हो गई। 15 जनवरी से शुरू हुई इस जांच में भोले बाबा, दाऊजी ग्रुप समेत पांच प्रमुख डेयरी/घी निर्माता फर्म आयकर विभाग के रडार पर रहे। लगातार पांच  दिन (131 घंटे) चली तलाशी और सर्वे की इस कार्रवाई में करीब 700 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी और अघोषित नकद लेनदेन के ठोस साक्ष्य सामने आए हैं।

35 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी

आयकर विभाग ने 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमों के साथ दिल्ली, आगरा, धौलपुर, कानपुर देहात, अलीगढ़, सिरसागंज, दौसा, बीकानेर और जोधपुर सहित देशभर के 35 से अधिक परिसरों पर एकसाथ सर्च ऑपरेशन चलाया। अब सभी टीमों की सर्च पूरी हो चुकी है और विभाग हर फर्म के अलग-अलग टैक्स आकलन में जुट गया है, जिसके बाद भारी टैक्स, ब्याज और पेनल्टी तय की जाएगी।

कैश, जेवर और लॉकर का खुलासा

जांच के दौरान आयकर विभाग को बड़ी मात्रा में संपत्ति और नकदी के सबूत मिले हैं। 5 करोड़ रुपये नकद बरामद, जिसका खातों में कोई हिसाब नहीं मिला। 18 करोड़ रुपये से अधिक के जेवरात मिले हैं। तय सीमा से ज्यादा होने पर इनको जब्त कर लिया है। 16 बैंक लॉकरों को सील किया गया है। छापे के दौरान टीम ने हुंडी, नकद लेनदेन और बोगस भुगतान से जुड़ी पर्चियां और दस्तावेज जब्त किए हैं। इनका रिकार्ड से मिलान किया जा रहा है। 

बोगस बिलिंग और आईटीसी चोरी

जांच में सामने आया कि बिना रिकॉर्ड के खरीद-बिक्री बड़े पैमाने पर की गई। कागजों में माल की खरीद दिखाई गई, लेकिन वास्तविक स्टॉक का परिवहन नहीं हुआ। इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में बड़े स्तर पर हेराफेरी मिली है। फर्जी बिलिंग के जरिए टैक्स बचाने की साजिश का भी खुलासा हुआ है। 

घी में मिलावट की पुष्टि, एफएसएसएआई को रिपोर्ट

कार्रवाई का सबसे गंभीर पहलू घी में मिलावट का सामने आना है। दाऊजी ग्रुप के घी के सैंपल हैदराबाद स्थित केंद्रीय लैब भेजे गए थे। एफएसएसएआई लैब रिपोर्ट में घी में मिलावट की स्पष्ट पुष्टि हुई है। दौसा और सिरसागंज प्लांट में भी मिलावटी घी पाए जाने के सबूत मिले हैं। आयकर विभाग ने पूरी रिपोर्ट एफएसएसएआई और खाद्य विभाग को सौंप दी है। 

जांच में यह भी सामने आया कि लागत कम करने के लिए मिलावटी घी तैयार किया जाता है। खातों में शुद्ध घी की ऊंची कीमत दर्शाकर ज्यादा मुनाफा दिखाया गया, इससे टैक्स चोरी और उपभोक्ता धोखाधड़ी, दोनों को अंजाम दिया गया। 

विदेशी निवेश और जमीन सौदों की जांच

जांच में 2019 से 2025 के बीच बड़े पैमाने पर जमीनों में निवेश के साक्ष्य मिले हैं। बैनामों में नकद भुगतान की जांच जारी है। जांच मे यूगांडा में अघोषित निवेश छुपाने के सबूत भी मिले हैं। इस मामले में सीबीडीटी ने अंतर-एजेंसी समन्वय शुरू कर दिया है, ताकि इनके खिलाफ अन्य मामलों में कार्यवाही को अंजाम दिया जा सके। 

आगे क्या होगा?

आयकर विभाग के अनुसार वास्तविक टैक्स निर्धारण के बाद भारी पेनल्टी और जुर्माना लगेगा। टैक्स चोरी के साथ मिलावट के मामलों में अलग से कानूनी कार्रवाई, एफएसएसएआई और खाद्य विभाग भी अपनी-अपनी कार्रवाई करेंगे।