कर्तव्य पथ पर गरुड़ की गर्जना,  किलर हेलीकॉप्टर अपाचे का हैरतअंगेज जलवा  

 77वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में देश की आन-बान-शान की भव्य तस्वीर दुनिया ने देखी। कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झांकी नजर आई। पैराट्रूपर्स भी उतरे, पहली बार सूर्यास्त्र समेत नए हथियारों का प्रदर्शन हुआ। इस दौरान गरुड़ फॉर्मेशन में अपाचे को देख हर कोई जोश से भर गया।

Jan 26, 2026 - 13:17
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कर्तव्य पथ पर गरुड़ की गर्जना,  किलर हेलीकॉप्टर अपाचे का हैरतअंगेज जलवा  


 
नई दिल्ली। आज पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया। जैसे ही तिरंगा फहराया गया, राष्ट्रगान की मधुर धुन गूंजी और स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गनों से 21 तोपों की सलामी दी गई, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झांकी नजर आई। पैराट्रूपर्स भी उतरे, पहली बार सूर्यास्त्र समेत नए हथियारों का प्रदर्शन हुआ। इस मौके पर MI-17 हेलिकॉप्टर्स ने दर्शकों और विशिष्ट अतिथियों पर फूल भी बरसाए। इस दौरान गरुड़ फॉर्मेशन में अपाचे, प्रहार फॉर्मेशन में रुद्र जैसे ही नजर आया, लोगों का मानो जोश ही हाई हो गया।  

गरुड़ फॉर्मेशन में अपाचे AH-64E को देख लोगों का उत्साह बढ़ गया। जैसे ही आसमान में अपाचे के दो हेलीकॉप्टर नजर आए तो हर कोई एक टक देखता रह गया। खुद पीएम मोदी भी इसे देखते नजर आए। ये परेड का नया आकर्षण रहे।

उन्नत युद्धक हेलीकॉप्टर अपाचे AH-64E कर्नल विक्रांत शर्मा, सेना मेडल के नेतृत्व में विस्तृत नभ में उड़ान भर रहा है। यह स्क्वाड्रन, श्रीमद् भगवद गीता अध्याय 2 श्लोक 31 के अपने आदर्श वाक्य 'राष्ट्रधर्मस्य रक्षणार्थं युद्धम्' 'राष्ट्रीय धर्म की रक्षा के लिए युद्ध' का यथावत अनुसरण करती है।

अपाचे एडवांस्ड लॉन्गबो फायर कंट्रोल रडार, हेलफायर मिसाइल, 30- एमएम चेन गन, रॉकेट और हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए एयर-टू-एयर मिसाइलों से लैस है। यह हेलीकॉप्टर खराब मौसम और मुश्किल ऑपरेशनल हालातों में भी दिन-रात कार्रवाई रत होकर एक साथ कई टारगेट की पहचान करके 08 किलोमीटर की रेंज तक निशाना साध सकता है।

लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड में भी कई खूबियां है। इनके साथ नजदीकी समन्वय में लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड उड़ान भर रहा है। इसकी कमान लेफ्टिनेंट कर्नल टीटी भारद्वाज के हाथ में है। इसे अत्याधिक ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्रों के लिए डिजाइन किया गया है। अति सक्रिय और घातक यह टोही हेलीकॉप्टर, टोह कार्य, यथोचित अग्नि सहायता और त्वरित प्रतिक्रिया देता है।

यह परेड पिछले वर्ष हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पहली बार आयोजित की जा रही है, जिसमें अत्याधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म और 29 विमानों की भव्य फ्लाईपास्ट विशेष आकर्षण होगी। फ्लाईपास्ट में राफेल, सुखोई-30, पी-8आई, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच, और एमआई-17 जैसे विमान अलग-अलग संरचनाओं में आसमान में करतब दिखाएंगे।