गोपाष्टमी पर आगरा में गौ-भक्ति का उमड़ा सागर, श्रीकृष्ण की बाल-लीला और गौमाता की आराधना

आगरा। ब्रज संस्कृति और सनातन परंपरा का अद्भुत संगम गुरुवार को ताजनगरी में देखने को मिला, जब गोपाष्टमी पर्व पर पूरा शहर “गोविंद-गोविंद” और “जय गौ माता” के जयघोषों से गूंज उठा। श्रीकृष्ण-बलराम की गौचारण यात्रा से लेकर श्री मनःकामेश्वर गौशाला के दिव्य महोत्सव तक, हर ओर भक्ति, भावना और ब्रज की आत्मा का स्पंदन दिखाई दिया।

Oct 30, 2025 - 21:10
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गोपाष्टमी पर आगरा में गौ-भक्ति का उमड़ा सागर, श्रीकृष्ण की बाल-लीला और गौमाता की आराधना
गौशाला प्रांगण, बल्केश्वर से निकली श्रीकृष्ण-बलराम गौचारण यात्रा में सम्मिलित मनीष अग्रवाल, शेखर गोयल, पार्षद पूजा बंसल, गिर्राज बंसल, विष्णु अग्रवाल आदि।

श्रीकृष्ण-बलराम की गौचारण यात्रा में उमड़ा भक्ति-सागर, आगरा बना गोकुल

गोपाष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण लीला महोत्सव समिति द्वारा भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की दिव्य गौचारण यात्रा बल्केश्वर स्थित गौशाला से निकाली गई। गायों के मध्य ठाकुरजी और बलदाऊ की अलौकिक छवि देखते ही बन रही थी। यात्रा मार्ग में पुष्पवर्षा, मंगलगान और जयकारों से वातावरण पूर्णतः ब्रजमय हो गया।

यात्रा की शुरुआत गौ-पूजन, सेवा, भोग और आरती से हुई, जिसमें अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, महामंत्री विजय रोहतगी, पार्षद पूजा बंसल, शेखर गोयल, महंत अनंत उपाध्याय, मुकेश शर्मा सहित अनेक भक्तों ने भाग लिया।

यात्रा अग्रवन वाटरवर्क्स चौराहा, बल्केश्वर, कमला नगर, शांति चौक, मुगल रोड होकर पुनः गौशाला लौटी। लगभग 200 से अधिक श्रद्धालु ग्वाल और ग्वालिन वेशभूषा में भक्ति-रस में डूबे नाचते-गाते चले। दर्जनों स्थानों पर दिव्य स्वागत हुआ।

अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष यात्रा का मार्ग बदला गया ताकि अधिकाधिक भक्त जुड़ सकें। अंत में गौशाला में भोग, कीर्तन और आरती के साथ समापन हुआ। सम्पूर्ण क्षेत्र गोविंद-गोविंद, दाऊ-दाऊ, जय गौमाता के जयकारों से गूंज उठा।

मनःकामेश्वर गौशाला में दीपदान और 56 भोग से सम्पन्न हुआ भव्य गोपाष्टमी उत्सव

श्री मनःकामेश्वर गौशाला, ग्राम गढ़ी ईश्वरा में गौमाता का पूजन करते महंत योगेश पुरी, हरिहर पुरी, सुधीर यादव, किशोर सोलंकी आदि।

शमसाबाद रोड स्थित श्री मनःकामेश्वर गौशाला, ग्राम गढ़ी ईश्वरा में गोपाष्टमी एवं 56 भोग महोत्सव भक्ति और ग्रामीण परंपरा के अद्भुत समागम के रूप में सम्पन्न हुआ। तिलकायत मठ श्री महंत योगेश पुरी स्वयं ग्वाल रूप में गौमाता के साथ गौचारण हेतु निकले। बाल-गोपाल नंदलाल स्वरूप में उनके साथ चलते रहे, जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र श्रीकृष्ण बाल-लीला का जीवंत दृश्य बन गया।

गोधूली बेला में गौशाला वापसी पर दीपदान हुआ और गौमाता को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। महंत योगेश पुरी ने कहा कि गोपाष्टमी केवल पर्व नहीं, यह हमारी सनातन सभ्यता का हृदय है। मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने कहा कि गौशाला संस्कार और संस्कृति का मंदिर है।

कार्यक्रम में सुधीर यादव, किशोर सोलंकी, उत्तम सिंह काका, हरेंद्र सिंह, शालिनी बंसल, मीरा जैन सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। वातावरण दीपों की आभा और ‘जय नंदलाल’ के जयघोषों से आलोकित हो उठा।

SP_Singh AURGURU Editor