आगरा में ₹10.07 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा, मुकदमा दर्ज

आगरा। आगरा में जीएसटी विभाग ने बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए रावत इंटरप्राइसेस के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि फर्म ने ₹10.07 करोड़ की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से लाभ उठाया। यह आईटीसी उन फर्मों के इनवॉइस के आधार पर क्लेम की गई, जिनका जीएसटी पंजीकरण पहले ही रद्द किया जा चुका था।

Jan 9, 2026 - 11:38
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आगरा में ₹10.07 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा, मुकदमा दर्ज
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रावत इंटरप्राइसेस पर फर्जी ITC क्लेम करने का आरोप 

आगरा। आगरा में जीएसटी विभाग ने बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए रावत इंटरप्राइसेस के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि फर्म ने ₹10.07 करोड़ की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से लाभ उठाया। यह आईटीसी उन फर्मों के इनवॉइस के आधार पर क्लेम की गई, जिनका जीएसटी पंजीकरण पहले ही रद्द किया जा चुका था।

जांच में सामने आया कि रावत इंटरप्राइसेस ने फर्जी पते और कूटरचित दस्तावेज़ों के सहारे जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया और उसके बाद सुनियोजित तरीके से फर्जी इनवॉइस के जरिए आईटीसी का दावा किया। इस फर्जीवाड़े से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा है।

जीएसटी विभाग की ओर से की गई विस्तृत जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि इनवॉइस का वास्तविक लेन-देन से कोई संबंध नहीं था। केवल कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर टैक्स क्रेडिट लिया गया। विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीर वित्तीय अपराध मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रकरण में जीएसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा थाना लोहामंडी में दर्ज कराया गया है। पुलिस अब जीएसटी विभाग के साथ समन्वय कर फर्म के दस्तावेज़ों, बैंक खातों और लेन-देन की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।