होम्योपैथी से स्थायी इलाज संभव, अब भ्रम नहीं विज्ञान बोलेगाः द्वितीय ऑल इंडिया होम्योपैथिक कांग्रेस का आगरा में शुभारंभ, कैंसर से ऑटिज्म तक गहन मंथन
आगरा। ताजनगरी आगरा में द्वितीय ऑल इंडिया होम्योपैथिक कांग्रेस का शुभारंभ शुक्रवार को भव्य, गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। एमडी जैन इंटर कॉलेज के शांति स्वरूप सभागार में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के अधिवेशन के प्रथम दिन होम्योपैथी के वैज्ञानिक पक्ष, शोध, सामाजिक उपयोगिता और भविष्य की दिशा पर गंभीर विमर्श हुआ।
कांग्रेस का उद्घाटन केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. जे.एन. सिंह रघुवंशी, आयोजन सचिव डॉ. पार्थ सारथी शर्मा, महामंत्री डॉ. एन.एस. रघुराम, रोहित जैन, राहुल जैन एवं लीडर्स आगरा के महामंत्री सुनील जैन मंचासीन रहे।
होम्योपैथी को अब पहचान नहीं, संरक्षण चाहिए : प्रो. बघेल
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि होम्योपैथी को अब किसी प्रचार या प्रमाण की आवश्यकता नहीं है, इसके परिणाम ही इसकी पहचान हैं। वर्षों से फैलाई गई भ्रांतियों को होम्योपैथी ने अपने प्रभाव से स्वतः समाप्त कर दिया है।
उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक दवाइयों की शुद्धता, अनुशासन और मरीज-केंद्रित उपचार पद्धति इसकी वैज्ञानिकता का प्रमाण है। आज जब बड़ी आबादी सीमित संसाधनों में जीवन यापन कर रही है, तब महंगे कॉरपोरेट अस्पताल आमजन के लिए अभिशाप बन जाते हैं। ऐसे में सुलभ, सुरक्षित और किफायती होम्योपैथी प्रारंभिक अवस्था में गंभीर बीमारियों के इलाज का सशक्त विकल्प है।
रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर दिया जोर
केंद्रीय राज्य मंत्री ने सरकार से अपेक्षा जताई कि होम्योपैथी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर अधिक निवेश किया जाए। आवश्यकता पड़े तो अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन, सेमिनार और नॉलेज एक्सचेंज कार्यक्रम आयोजित हों। उन्होंने कहा कि मानवता और इंसानियत के हित में होम्योपैथी को व्यापक संरक्षण और संवर्धन मिलना चाहिए।
आयुष्मान भारत से जुड़ने के बाद बढ़ा विश्वास
प्रो. बघेल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के बाद होम्योपैथी के प्रति जनविश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन से भी अपेक्षा जताई कि एलोपैथी की तरह होम्योपैथी उपचार लेने वालों की संख्या पर भी आधिकारिक रिपोर्ट जारी की जाए।
सरकारी कॉलेज, आईपीडी और बोर्ड गठन की मांग
इस अवसर पर होम्योपैथिक संगठनों की ओर से कई अहम मांगें रखी गईं, जिनमें राजकीय तिलकधारी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, जौनपुर को मानक स्तर का बनाना, नगीना जैसे अंतिम छोर के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र) में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना, मेडिकल कॉलेजों में एथिकल कमेटी, आईपीडी, पैथोलॉजी और रिसर्च सेंटर, प्रदेश में होम्योपैथी बोर्ड का गठन और जिला अस्पतालों में होम्योपैथी सेवाओं को सशक्त करना शामिल है। प्रो. बघेल ने सभी मांगों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष कवरिंग पत्र के साथ प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया।
आगरा के चिकित्सकों का वैश्विक परचम
उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आगरा के दो होम्योपैथिक चिकित्सकों ने विश्व स्तर पर पहचान बनाई है। पद्मश्री डॉ. आर.एस. पारीक और विश्व रिकॉर्डधारी डॉ. पार्थ सारथी शर्मा को कौन नहीं जानता। आगरा के सांसद होने के नाते उन्होंने देशभर से आए चिकित्सकों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का समाधान संभव : डॉ. प्रदीप गुप्ता
कांग्रेस के पहले दिन साइंटिफिक सत्र में नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. प्रदीप गुप्ता ने शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज भारत ही नहीं, विश्वभर में कैंसर के उपचार में होम्योपैथी पर भरोसा बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि होम्योपैथी मरीज की मानसिक, शारीरिक और संवेदनात्मक स्थिति को ध्यान में रखते हुए शॉर्ट टर्म में दीर्घकालिक परिणाम देती है। नेमिनाथ मेडिकल कॉलेज की 100 बेड की आईपीडी का हमेशा फुल रहना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान है, उसी तरह हर बीमारी का इलाज भी संभव है।
इन चिकित्सकों को किया गया सम्मानित
द्वितीय ऑल इंडिया होम्योपैथिक कांग्रेस में उत्कृष्ट कार्य के लिए स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान दिया गया। सम्मानित होने वालों में पद्मश्री डॉ. आर.एस. पारीक, डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ. धुर्बा ज्योति, डॉ. कैलाश चंद्र सारस्वत, डॉ. विजय यादव, डॉ. अजीत कुमार शर्मा, डॉ. पंकज त्रिपाठी, डॉ. धीरेंद्र सिंह, डॉ. एच. पाल, डॉ. अनिल कुमार शर्मा, डॉ. अनिल शाम, डॉ. अशोक चौहान, डॉ. अशोक वार्ष्णेय, डॉ. प्रभात कुलश्रेष्ठ, डॉ. दिवाकर वशिष्ठ, डॉ. जे.एन. सिंह रघुवंशी, डॉ. पार्थ सारथी शर्मा, डॉ. जितेश शर्मा, डॉ. आर्यमन शर्मा सहित कुल पंद्रह चिकित्सक शामिल थे।
आयुष्मान योजना में आईपीडी जोड़ने की पुरजोर मांग
सम्मेलन में देशभर से आए चिकित्सकों ने एक स्वर में मांग उठाई कि आयुष्मान भारत योजना में होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को शामिल किया जाए। इस संबंध में केंद्रीय राज्य मंत्री को मांग पत्र सौंपा गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल मौजूद रहे।
इस अवसर पर डॉ. जेपी श्रीवास्तव, डॉ. अमित कुमार, सुनील जैन, राहुल जैन, लीडर्स आगरा के मार्गदर्शक सुरेश चंद्र गर्ग सहित देशभर से आए सैकड़ों होम्योपैथी चिकित्सक उपस्थित रहे।