आमदनी नहीं, इंसानी जान कीमती, एक्सप्रेस-वे पर कॉमर्शियल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे- परिवहन मंत्री से पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह की भावुक अपील

आगरा। यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा के बल्देव क्षेत्र में घने कोहरे और शून्य दृश्यता के कारण हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व परिवहन मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने वर्तमान परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर आमदनी से अधिक लोगों की जान को कीमती बताते हुए एक्सप्रेस-वे पर कॉमर्शियल वाहनों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मार्मिक अपील की है।

Dec 18, 2025 - 18:22
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आमदनी नहीं, इंसानी जान कीमती, एक्सप्रेस-वे पर कॉमर्शियल वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे- परिवहन मंत्री से पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह की भावुक अपील

राजा अरिदमन सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग अकाल मृत्यु का शिकार हो रहे हैं, जिससे असंख्य परिवार उजड़ रहे हैं। ऐसे में राजस्व के बजाय जनजीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

नेशनल हाईवे पर भेजें कॉमर्शियल वाहन

पूर्व कैबिनेट मंत्री ने सुझाव दिया कि लखनऊ और दिल्ली की ओर जाने वाले कॉमर्शियल वाहनों को एक्सप्रेस-वे के बजाय नेशनल हाईवे का उपयोग कराया जाए, जिससे तेज रफ्तार वाले एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो सके।

गलत लेन में चलने वालों पर हो सख्त कार्रवाई

पत्र में कहा गया कि सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे पर ट्रक तीनों लेन घेरकर ओवरटेक करते हैं, जिनमें अधिकांश ओवरलोडेड होते हैं। प्राइवेट बसें भी स्लो लेन छोड़कर फास्ट लेन में चलती हैं।
उन्होंने मांग की कि एक्सप्रेस-वे पर स्पष्ट साइनेज लगाए जाएं और गलत लेन में वाहन चलाने वालों का तत्काल चालान किया जाए।

भारी वाहनों के निर्माण के तय हों सुरक्षा मानक

राजा अरिदमन सिंह ने चिंता जताई कि स्लीपर कोच और भारी बसों का निर्माण सामान्य चेसिस पर होने से दुर्घटना के समय वाहन का ढांचा जानलेवा साबित होता है। उन्होंने बसों व ट्रकों के निर्माण की सुरक्षा जांच कर सख्त मानक तय करने और उन्हीं मानकों के आधार पर आगे निर्माण कराने की अपील की।

उन्होंने कहा कि स्लीपर कोच, टू-बाय-टू बस या किसी भी बड़े वाहन में प्रवेश और निकासी के साथ पर्याप्त इमरजैंसी एग्जिट की व्यवस्था अनिवार्य की जाए, ताकि दुर्घटना के समय लोगों की जान बचाई जा सके।

सर्विस लेन पर खड़े ट्रकों पर लगे रोक

पत्र में उल्लेख किया गया कि आगरा और लखनऊ टोल के पास सर्विस लेन से सटे ढाबों के कारण ट्रक चालक एक्सप्रेस-वे पर ही वाहन खड़े कर नीचे चले जाते हैं, जिससे गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है। इस पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि निजी बसों और चालकों पर नियंत्रण नहीं होने से ओवरस्पीडिंग, शराब सेवन और बिना लाइसेंस वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसलिए एक्सप्रेस-वे पर केवल यूपीएसआरटीसी की बसों को ही अनुमति दी जाए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि घने कोहरे की स्थिति में नाइट सर्विस पूरी तरह बंद कर दी जाए, क्योंकि दृश्यता कम होते ही दुर्घटनाओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

निर्माण एजेंसियों से मुआवजा दिलाने की मांग

आगरा–दिल्ली एक्सप्रेस-वे की खराब सड़क गुणवत्ता के कारण टायर फटने से हुई दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में प्रभावित परिवारों को संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों से मुआवजा दिलाया जाना चाहिए।

SP_Singh AURGURU Editor