हास्य-कवि रमेश मुस्कान बने भारत सरकार के राजभाषा सलाहकार, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की सलाहकार समिति में सदस्य नियुक्त
आगरा। हिंदी भाषा और काव्य मंचों को देश-विदेश में प्रतिष्ठा दिलाने वाले प्रसिद्ध हास्य-कवि रमेश मुस्कान को भारत सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने आगरा निवासी रमेश मुस्कान को राजभाषा सलाहकार समिति का सदस्य नियुक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि रमेश मुस्कान लगभग तीन दशकों से हिंदी काव्य मंचों पर सक्रिय हैं और देश-विदेश में हिंदी के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। हिंदी कविता की मंचीय परंपरा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्होंने अखिल भारतीय कवि सम्मेलन समिति की स्थापना की, जो वर्तमान में कवियों की सबसे बड़ी संस्था के रूप में विख्यात है। यह संस्था देशभर में कवि सम्मेलनों के आयोजन और उनके उत्थान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
अपनी सरस और प्रभावशाली हास्य कविताओं के साथ-साथ रमेश मुस्कान समकालीन विषयों पर बेबाक और धारदार व्यंग्य टिप्पणियों के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी कविताएं भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अत्यंत रुचि और उत्साह के साथ सुनी जाती हैं। वे अब तक दो दर्जन से अधिक देशों में काव्य-पाठ कर चुके हैं। अमेरिका, इंग्लैंड, रूस, कनाडा सहित कई देशों में उन्हें उत्कृष्ट काव्य के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है।
काव्य मंचों के अलावा रमेश मुस्कान सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में भी निरंतर सक्रिय रहे हैं। हिंदी से संबंधित लोकोपकारी गतिविधियों के साथ-साथ उन्होंने क़ैदियों के भावनात्मक विकास के लिए कार्य करते हुए पूर्व में जेल विजिटर का दायित्व भी निभाया है। हाल ही में आगरा में प्रसिद्ध कवि डॉ॰ कुमार विश्वास द्वारा नये कवियों के विकास हेतु आयोजित केवीशाला काव्य-कार्यशाला में भी रमेश मुस्कान मार्गदर्शक समूह के सदस्य के रूप में उपस्थित रहे थे। अनेक साहित्यकारों, कवियों और हिंदी प्रेमियों ने रमेश मुस्कान को इस नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया है कि उनके अनुभव और दृष्टि से हिंदी भाषा को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।