आईसीएसआई आगरा चैप्टर की डिबेट में गूंजे तर्क, युवाओं ने दिखाई बौद्धिक ताकत
आईसीएसआई आगरा चैप्टर की डिबेटिंग सोसाइटी द्वारा आयोजित डिबेट प्रतियोगिता में करीब 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया। आगरा सहित कई जिलों से आए प्रतिभागियों ने सीएस एग्जीक्यूटिव और प्रोफेशनल स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया। निर्णायकों ने विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया। आयोजन को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और नेतृत्व विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
आगरा। आईसीएसआई आगरा चैप्टर की डिबेटिंग सोसाइटी द्वारा “आईसीएसआई डिबेटिंग सोसाइटी डिबेट प्रतियोगिता” का आयोजन नेहरू नगर स्थित कार्यालय पर किया गया। प्रतियोगिता में सीएस एग्जीक्यूटिव एवं सीएस प्रोफेशनल स्तर के लगभग 50 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी तार्किक क्षमता, विषय की गहरी समझ तथा प्रभावशाली अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, इटावा, हाथरस, अलीगढ़ एवं ग्वालियर से आए विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोशीले तर्क-वितर्क और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतीकरण ने कार्यक्रम को न केवल रोचक बनाया, बल्कि इसे एक ज्ञानवर्धक मंच में भी परिवर्तित कर दिया।
अनुभवी निर्णायकों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम का आयोजन सीएस अनुज अशोक, चेयरमैन, आगरा चैप्टर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मुख्य निर्णायक के रूप में सीएस बसंत कुमार उपस्थित रहे। अन्य निर्णायकों में सीएस भरत हासानी, सीएस स्वप्नला गुप्ता एवं सीएस अर्पित बसलास शामिल रहे। सभी निर्णायकों ने विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
ये रहे विजेता
? सीएस एग्जीक्यूटिव स्तर
विजेता टीम में सुहानी चतुर्वेदी, प्रेरणा गुप्ता, आस्था जायसवाल एवं नंदिनी जैन शामिल रहीं।
? सीएस प्रोफेशनल स्तर
नमन शर्मा, वोल्गा गुप्ता, कार्तिक छाबड़ा, पायल कुशवाह एवं अंश गुप्ता ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता टीम का गौरव प्राप्त किया।
? व्यक्तिगत श्रेणी
मानसी, वंशिका एवं अर्पित जैन ने सर्वश्रेष्ठ वक्ता का स्थान प्राप्त किया।
आयोजन में छात्रों का विशेष योगदान
कार्यक्रम के सफल संचालन में वैभव अग्रवाल, सुहानी चतुर्वेदी, नमन शर्मा, निकेता गोस्वामी एवं अंश गुप्ता (सीएस पाठ्यक्रम के छात्र) का विशेष सहयोग रहा। आगरा चैप्टर के सदस्यों ने कहा कि इस प्रकार की बौद्धिक एवं प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और पेशेवर दक्षता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।