इग्नू ने खोले भारतीय ज्ञान परंपरा के द्वार: ज्योतिष, भगवद्गीता और वैदिक अध्ययन में प्रवेश शुरू, जुलाई 2026 सत्र के लिए नौ विशेष पाठ्यक्रमों में आवेदन आमंत्रित
-आरके सिंह- बरेली। भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक संस्कृति और आध्यात्मिक अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2026 सत्र के लिए ज्योतिष, भगवद्गीता अध्ययन, वैदिक अध्ययन, हिंदू अध्ययन और संस्कृत सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने भारतीय विरासत और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन पाठ्यक्रमों को तैयार किया है, जिनमें परास्नातक, परास्नातक डिप्लोमा और प्रमाणपत्र स्तर के कार्यक्रम शामिल हैं।
यह जानकारी बरेली कॉलेज की उप-प्राचार्या एवं बरेली स्थित इग्नू अध्ययन केंद्र की समन्वयक डॉ. वंदना शर्मा ने गुरुवार को दी। उन्होंने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत से जुड़े कुल नौ पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
परास्नातक स्तर पर उपलब्ध होंगे पांच प्रमुख विषय
डॉ. वंदना शर्मा के अनुसार परास्नातक स्तर पर ज्योतिष, भगवद्गीता अध्ययन, वैदिक अध्ययन, हिंदू अध्ययन और संस्कृत विषयों में अध्ययन का अवसर मिलेगा। इन सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है।
एमए ज्योतिष, भगवद्गीता अध्ययन और हिंदू अध्ययन की वार्षिक फीस 7,000 रुपये रखी गई है, जबकि एमए वैदिक अध्ययन और संस्कृत की वार्षिक फीस 7,500 रुपये निर्धारित की गई है।
ज्योतिष की पढ़ाई हिंदी और संस्कृत दोनों में
विशेष बात यह है कि एमए ज्योतिष की पढ़ाई हिंदी और संस्कृत दोनों भाषाओं में कराई जाएगी। वहीं अन्य सभी पाठ्यक्रमों का अध्ययन माध्यम हिंदी रहेगा, जिससे हिंदी भाषी विद्यार्थियों को विशेष सुविधा मिलेगी।
डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का भी अवसर
विश्वविद्यालय द्वारा संस्कृत साहित्य में परास्नातक डिप्लोमा की फीस 7,000 रुपये तथा वास्तु शास्त्र में परास्नातक डिप्लोमा की फीस 6,500 रुपये निर्धारित की गई है। इन दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए स्नातक होना अनिवार्य है।
12वीं पास विद्यार्थियों के लिए भी अवसर
इग्नू ने 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए भी विशेष प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें वैदिक गणित में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम की फीस 2,000 रुपये तथा भारतीय कालगणना में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम की फीस 2,100 रुपये निर्धारित की गई है।
ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं अभ्यर्थी
डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि जुलाई 2026 सत्र में प्रवेश लेने के इच्छुक अभ्यर्थी इग्नू के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने का आह्वान किया है ताकि भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े इन विशिष्ट पाठ्यक्रमों का लाभ उठाया जा सके।
भारतीय विरासत को बढ़ावा देने की पहल
विश्वविद्यालय की यह पहल भारतीय संस्कृति, दर्शन, वैदिक ज्ञान और संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे युवाओं को पारंपरिक भारतीय ज्ञान-विज्ञान को अकादमिक रूप से समझने और अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।