आगरा में डॉक्टर को ब्लैकमेल करने की कोशिश, आईएमए का कड़ा रुख, 24 घंटे में गिरफ्तारी की मांग
आगरा। किसान यूनियन के नाम पर कुछ छोटे पदाधिकारियों द्वारा शहर में डॉक्टरों को ब्लैकमेल करने की कोशिशें हो रही हैं। झूठे आरोप लगाने और पैसों की मांग करने जैसी गतिविधियों के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), आगरा ने कड़ा रुख दिखाया है। एसोसिएशन ने आरोपियों की 24 घंटे में गिरफ्तारी की मांग की है।
आईएमए की आपातकालीन जीबीएम सुश्रुत हॉस्पिटल (हिल्टन होटल के सामने) में आयोजित हुई, जिसमें सैकड़ों चिकित्सक उपस्थित रहे। आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. अनूप दीक्षित ने कहा कि डॉक्टर सदैव हर जरूरतमंद की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं, लेकिन उन्हें भी सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल चाहिए, ताकि वे मरीजों को सर्वोत्तम इलाज प्रदान कर सकें।
आईएमए आगरा के सचिव डॉ. रजनीश मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर ईमानदारी से कार्य करते हैं और उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह हालात बने रहे तो छोटे अस्पताल धीरे-धीरे बंद हो जाएंगे।
आईएमए आगरा ने स्पष्ट संदेश दिया कि डॉक्टरों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग, उत्पीड़न या दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान पुलिस द्वारा चिकित्सक की तहरीर नहीं लेने पर विरोध जताया गया। बाद में पुलिस ने अस्पताल में आकर तहरीर ली। आईएमए ने सभी आरोपियों की 24 घंटे में गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया, गिरफ्तारी न होने पर अगला कदम तय किया जाएगा। इस दौरान अस्पताल परिसर के आसपास 10-15 लोगों द्वारा प्रदर्शन करने का प्रयास किया गया, जिसे पुलिस ने विफल कर दिया।
जीबीएम में डॉ. पंकज नागायच, डॉ. मुकेश भारद्वाज, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. योगेश सिंगल, डॉ. डीवी शर्मा, डॉ. जेएन टंडन, डॉ. अशांक गुप्ता, डॉ. सुनील, डॉ. अजय, डॉ. अमिता कुशवाह, डॉ. राकेश मोहनिया, डॉ. बीबी कुशवाहा, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. गोविंद सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर उपस्थित रहे। पूरे मेडिकल समुदाय ने अपने सम्मान और सुरक्षा के लिए एक स्वर में आवाज उठाई। सभी चिकित्सकों में भारी रोष और गुस्सा व्याप्त था।
बता दें कि जिस मामले को लेकर आईएमए ने सख्त रुख अपनाया है, वह सुश्रुत हॊस्पिटल से ही जुड़ा है। यहां के हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को किसान यूनियन से जुड़े कुछ लोग ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे थे।