इंदौर की घटना का असर आगरा तक, महापौर के निर्देश पर जलकल विभाग अलर्ट

आगरा। मध्य प्रदेश के इंदौर में सामने आई पानी से जुड़ी गंभीर घटना के बाद आगरा में भी पेयजल की स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहरवासियों को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगरा जलकल विभाग ने व्यवस्थाओं की खामियों को तलाशने और उनके त्वरित समाधान की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।

Jan 7, 2026 - 22:21
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इंदौर की घटना का असर आगरा तक, महापौर के निर्देश पर जलकल विभाग अलर्ट
पार्षदों के साथ बैठक करते जलकल विभाग के अधिकारी।

पेयजल की शुद्धता और सुरक्षा को लेकर जोन-वाइज बैठकों का आगाज़

आगरा। मध्य प्रदेश के इंदौर में सामने आई पानी से जुड़ी गंभीर घटना के बाद आगरा में भी पेयजल की स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहरवासियों को सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगरा जलकल विभाग ने व्यवस्थाओं की खामियों को तलाशने और उनके त्वरित समाधान की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।

महापौर हेमलता दिवाकर के स्पष्ट निर्देशों के बाद जलकल विभाग के महाप्रबंधक एके राजपूत ने जोन-वाइज पार्षदों के साथ बैठकों का सिलसिला बुधवार से शुरू कर दिया। इस क्रम में जलकल मुख्यालय पर हरीपर्वत जोन के पार्षदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें वार्ड स्तर पर पानी और सीवर से जुड़ी समस्याओं पर गहन चर्चा की गई।

बैठक के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में पेयजल आपूर्ति, पाइपलाइन लीकेज, सीवर जाम, दूषित पानी की शिकायतों और मरम्मत कार्यों में देरी जैसी समस्याएं सामने रखीं। अधिकारियों ने इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना, उन्हें चिन्हित किया और प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने का भरोसा दिलाया।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को महापौर हेमलता दिवाकर ने जलकल विभाग के मुख्यालय परिसर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय कार्यप्रणाली की समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हाल में पेयजल की गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। इसी के तहत अब जोन-स्तर पर पार्षदों से सीधे संवाद कर जमीनी हकीकत जानने की पहल की गई है।

महाप्रबंधक एके राजपूत ने बताया कि इस पूरी कवायद का मकसद पानी और सीवर से जुड़ी समस्याओं को समय रहते दूर करना है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अन्य जोनों के पार्षदों के साथ भी इसी तरह की बैठकें आयोजित की जाएंगी।

बैठक में पार्षद प्रदीप अग्रवाल, पार्षद शरद चौहान, पार्षद भरत शर्मा, पार्षद रवि दिवाकर, पार्षद अमित सिंह, पार्षद ऋषभ गुप्ता सहित जलकल विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।