आगरा के उद्योगों को नई दिशा देने की पहल, चैम्बर ने मुख्यमंत्री योगी के समक्ष रखीं छह मांगें, स्पेशल इकनोमिक जोन और आईटी सिटी की मांग पर मिला सकारात्मक आश्वासन

आगरा। आगरा के उद्योगों, रोजगार और समग्र विकास को लेकर चिंतित नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आगरा के औद्योगिक, आर्थिक और पर्यटन विकास से जुड़ा 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए ताज संरक्षित क्षेत्र, उद्योगों पर बढ़ते शुल्क और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया।

Dec 26, 2025 - 22:44
 0
आगरा के उद्योगों को नई दिशा देने की पहल, चैम्बर ने मुख्यमंत्री योगी के समक्ष रखीं छह मांगें, स्पेशल इकनोमिक जोन और आईटी सिटी की मांग पर मिला सकारात्मक आश्वासन
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ आगरा की औद्योगिक समस्याओं पर चर्चा करते नेशनल चैंबर के अध्यक्ष संजय गोयल एवं अन्य पदाधिकारी।

चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल ने मुख्यमंत्री को बताया कि ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) में उद्योगों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई सीईसी रिपोर्ट पर चैम्बर को गंभीर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट पूर्व में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों और तय मानकों की अनदेखी कर तैयार की गई है, जो न केवल औचित्यहीन है बल्कि आगरा के विकास और रोजगार सृजन में भी बाधक बन रही है। चैम्बर ने अनुरोध किया कि टीटीजेड के लिए न्यायालय द्वारा पूर्व में तय मानकों को यथावत रखा जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष आगरा को स्पेशल इकनोमिक जोन घोषित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी। बताया गया कि टीटीजेड की बंदिशों के कारण आगरा के उद्योगों को कच्चा माल बाहर से मंगाना पड़ता है, जिससे उत्पाद की लागत बढ़ जाती है। स्पेशल इकनोमिक जोन घोषित होने से लागत में कमी आएगी और आगरा औद्योगिक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा हो सकेगा।

इसके साथ ही चैम्बर ने आगरा में आईटी सिटी की स्थापना की पुरजोर मांग की। अध्यक्ष संजय गोयल व उपाध्यक्ष विवेक जैन ने कहा कि आगरा सड़क, रेल और हवाई संपर्क की दृष्टि से बेहद उपयुक्त है। एनसीआर और नोएडा की आईटी सिटी के निकट होने, आगरा एयरपोर्ट की उपलब्धता, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नजदीकी, सस्ती जमीन और शिक्षा के केंद्र होने के कारण यहां कुशल युवा बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। ऐसे में आगरा में आईटी हब की स्थापना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।

चैम्बर ने यूपीसीडा द्वारा 1 जनवरी 2025 से लागू किए गए शुल्क को भी अनुचित बताया। कहा गया कि उद्यमी नगर निगम को 31 मार्च 2025 तक का कर पहले ही जमा कर चुके हैं, ऐसे में तीन माह का अतिरिक्त शुल्क अन्यायपूर्ण है। साथ ही यूपीसीडा द्वारा 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मांगा जा रहा शुल्क, नगर निगम द्वारा लिए जा रहे गृह कर से लगभग डेढ़ से दो गुना अधिक है, जिसे उद्योगों के हित में पुनरीक्षित किए जाने की मांग की गई।

पर्यटन के क्षेत्र में भी चैम्बर ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया। प्रतिनिधिमंडल ने सींगना गांव में यमुना तट पर शांता घाट को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने, यमुना किनारे स्थित प्राचीन धार्मिक स्थलों—भगवान परशुराम की माताजी रेणुका, महाकवि सूरदास और श्रीकृष्ण भगवान के बाबाश्री शूरसैन की जन्मस्थलियों के विकास की मांग रखी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैम्बर प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और सभी बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष संजय कुमार गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल और सदस्य राजेन्द्र कुमार अग्रवाल शामिल रहे।

SP_Singh AURGURU Editor