जयपुर में इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव 3.0: पंद्रह राज्यों के चिकित्सक आंत स्वास्थ्य पर बनाएंगे रिकॉर्ड
आगरा। सिविक संस्था (काउंसिल फॊर इंटरनेशनल वैद्य इंटिग्रेशन एंड कोआपरेशन) द्वारा संचालित आयुष लीजेंड सीरीज़ के तहत देशभर के पारंपरिक चिकित्सा विशेषज्ञों को वैश्विक मंच पर पहचान देने के लिए एक और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। आगरा और गोवा में कॉन्क्लेव के बाद, इस बार इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव 3.0 का आयोजन जयपुर में 16 नवंबर को किया जाएगा।
इस पहल के संयोजक डॉ. एम.एम. कुरैशी ने बताया कि आयुष प्रणाली, जिसमें आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी शामिल हैं, के चिकित्सक बिना रासायनिक दवाओं के गंभीर रोगों का उपचार कर रहे हैं। कॉन्क्लेव का उद्देश्य इन मूक नायकों को सम्मान देना और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के महत्व को सामने लाना है।
इस बार कॉन्क्लेव में 15 राज्यों के आयुष चिकित्सक, डाइटिशियन, हेल्थ कोच, स्टूडेंट और रिसर्चर शामिल होंगे, जो गट (आंत) स्वास्थ्य पर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगे। आयोजकों के अनुसार शरीर की 80% बीमारियों की जड़ आंत में होती है और इस मंच के माध्यम से यह संदेश विश्वभर में दिया जाएगा कि इन बीमारियों का समाधान आयुष पद्धतियों के माध्यम से संभव है।
कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय 150 से अधिक चिकित्सकों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें आगरा के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में पारंपरिक चिकित्सा एवं आधुनिक तकनीक आधारित व्याख्यान सत्र, शोध प्रस्तुति, वैज्ञानिक सत्र और सम्मान समारोह आयोजित होंगे। तीन श्रेणियों में चिकित्सकों को सम्मान पत्र और वर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान प्रदान किए जाएंगे।