18 साल बाद इंसाफ, किशोरी के अपहरण, बिक्री और दुराचार के दोषियों को उम्रकैद
आगरा। किशोरी के अपहरण, उसे बेचने और दुराचार जैसे जघन्य अपराध के मामले में 18 वर्षों बाद न्याय मिला है। आगरा की विशेष अदालत ने थाना मलपुरा क्षेत्र से जुड़े इस सनसनीखेज प्रकरण में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। अदालत के फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को लंबे इंतजार के बाद राहत मिली है।
आगरा की विशेष अदालत का कड़ा फैसला, तीन आरोपियों को आजीवन कारावास, दो अन्य को सश्रम सजा और भारी जुर्माना
आगरा। किशोरी के अपहरण, उसे बेचने और दुराचार जैसे जघन्य अपराध के मामले में 18 वर्षों बाद न्याय मिला है। आगरा की विशेष अदालत ने थाना मलपुरा क्षेत्र से जुड़े इस सनसनीखेज प्रकरण में पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। अदालत के फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को लंबे इंतजार के बाद राहत मिली है।
अदालत का सख्त फैसला
विशेष अदालत ने प्रीतम, हाकिम और विजयपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 2-2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं आरोपी बाबू को अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी मानते हुए 7 वर्ष का कारावास और 41 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एक महिला आरोपी को किशोरी को बंधक बनाकर रखने के आरोप में 1 वर्ष का कारावास दिया गया है।
क्या था पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2007 में 15 वर्षीय किशोरी का अपहरण किया गया था। उसे अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाकर रखा गया, जहां उसके साथ दुराचार किया गया। जांच में यह भी सिद्ध हुआ कि आरोपियों ने किशोरी को 50 हजार रुपये में बेच दिया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए किशोरी को बरामद कर अदालत में पेश किया था, जिसके बाद मुकदमे की लंबी सुनवाई चली।
18 साल बाद न्याय की जीत
लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है। अदालत ने अपने निर्णय में साफ संदेश दिया कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी फैसले का स्वागत करते हुए इसे नजीर बताया है।