श्रीहरि भक्ति में रंगी अवधपुरी की कलश यात्रा, भजनों, पुष्पवर्षा और वैदिक मंत्रों संग श्रद्धा का विराट संगम
आगरा। श्रीमद्भागवत कथा में श्रीहरि की महिमा का अमृतपान सुनने के लिए आज आयोजित कलश यात्रा में भक्ति से सराबोर भक्तों का उत्साह नजर आया। बैंड बाजों संग झूमते नाचते सैकड़ों भक्तजनों ने सिर पर मंगल कलश लेकर सम्पूर्ण क्षेत्र में भ्रमण किया। पीताम्बर परिधान में श्रंगारित महिलाएं श्रीहरि के भजनों की भक्ति में डूबी नजर आयी। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
अवधपुरी स्थित महारानी बाग में 23-29 नवम्बर तक दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक प्रतिदिन कथा वाचक दिनेश दीक्षित के मुखारबिन्द से होगी श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा
आगरा। श्रीमद्भागवत कथा में श्रीहरि की महिमा का अमृतपान सुनने के लिए आज आयोजित कलश यात्रा में भक्ति से सराबोर भक्तों का उत्साह नजर आया। बैंड बाजों संग झूमते नाचते सैकड़ों भक्तजनों ने सिर पर मंगल कलश लेकर सम्पूर्ण क्षेत्र में भ्रमण किया। पीताम्बर परिधान में श्रंगारित महिलाएं श्रीहरि के भजनों की भक्ति में डूबी नजर आयी। कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
महारानी बाग स्थित ब्रह्माणी मंदिर से विधि विधान के साथ कलश यात्रा का शुभारम्भ हुआ। अवधपुरी चौराहा, हनुमान मंदिर तिराहा, संगम विला कृष्णा बाग में भ्रमण करते हुए कलश यात्रा ने पुनः कथा स्थल पर पहुंचकर विराम लिया। जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलशों की स्थापना की गई। आयोजन समिति के पदाधिकारियों डॉ. जीएस राणा, अनीता राणा, संयोजक डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि व्यासपीठाचार्य दिनेश दीक्षित द्वारा सात दिवसीय श्रीमद्बागवत कथा में 23-29 नवम्बर तक प्रतिदिन महारानी बाग स्थिक पार्क में दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक कथा की अमृत वर्षा होगी। प्रथम दिन श्रीभागवत कथा का महत्व, धुंधकारी की कथा, दूसरे दिन मंगलाचरण, सोनक जी द्वारा शिवजी के साथ प्रश्नोत्तरी, नारद जी के पूर्व जन्म की कथा, तीसरे दिन राजा परीक्षित को श्राप, शुकदेव जी का आगमन, विदुर, सति चरित्र, चौथे दिन, ध्रुव चरित्र, भगवान के अवतारों की कथा, जड़ भक्त, भक्त प्रह्लाद की कथा, पांचवें दिन समुन्द्र मंथन, वामन अवतार, श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, छठे दिन रासलीला, कंस वध, रुकमणी विवाह, सातवें दिन सुदामा चरित्र, भगवान कृष्ण-उद्धव संवाद, राजा परीक्षित को मुक्ति की कथा होगी।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा का लाभ लेने की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य रूप से ममता कटारा, शैल चाहर, रजनी कुशवाह, साधना यादव, आशा शर्मा, गिरिजेश शर्मा, संध्या परिहार, मनी राजपूत, मेजर बरखा, श्वेता चंदेल, हीर, नेहा ग्रोवर, तुषा शर्मा, किरण कालरा, अरुण त्यागी, प्रमोद चौधरी, लोकेश कटारा, सतेन्द्र, विपिन परमार, भूपेन्द्र चौधरी, चंद्रवीर सोलंकी, दिलीप स्वामी, रविन्द कुमार दुबे, वरुण स्वामी आदि उपस्थित थे।