आगरा के धर्मांतरण केस में मास्टरमाइंड के रूप में कंचन मित्तल और दिनेश चावला आरोपी बनाए गए, दो नई धाराएं भी जोड़ीं
आगरा। थाना शाहगंज क्षेत्र में उजागर हुए ईसाई धर्मांतरण गैंग प्रकरण में पुलिस ने नई कार्रवाई करते हुए पंजाब निवासी कंचन मित्तल और मुंबई निवासी दिनेश चावला को भी साजिशकर्ता मानते हुए आरोपी बना दिया है। पुलिस विवेचना में दो अतिरिक्त धाराएं जोड़कर केस को और गंभीर माना गया है।
आगरा में कुछ महीने पहले थाना शाहगंज पुलिस ने एक कथित धर्मांतरण गैंग का खुलासा किया था। लगभग 80 परिवारों का धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने राजकुमार लालवानी सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले के वादी घनश्याम हेमलानी लगातार आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए न्यायालय में मजबूत पैरवी कर रहे हैं।
पुलिस विवेचना के दौरान एक बड़ा खुलासा सामने आया। मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी की रिमांड के दौरान पंजाब अंबाला निवासी कंचन मित्तल और महाराष्ट्र, मुंबई के उल्हासनगर निवासी दिनेश चावला का नाम उभरकर सामने आया। पुलिस के अनुसार ये दोनों इस पूरे नेटवर्क की महत्वपूर्ण साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड माने जा रहे हैं।
इसी आधार पर पुलिस ने दोनों के नाम मुकदमे में शामिल करते हुए केस में दो नई धाराएं धारा 113(3) एवं धारा 111(4) बीएनएस भी जोड़ी हैं। इन धाराओं के जुड़ने से केस की कानूनी गंभीरता और बढ़ गई है।
गौरतलब है कि धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार आठ आरोपी पहले से जेल में हैं, अब दो और आरोपियों को जोड़ा गया है जबकि अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध जांच जारी है।
वादी घनश्याम हेमलानी लंबे समय से कंचन मित्तल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे यूपी पुलिस और न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। सनातन धर्म के खिलाफ साजिश रचने वालों को सख्त सजा मिलेगी। सत्र न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय तक मजबूत पैरवी की जाएगी।
जिला एवं सत्र न्यायालय पहले ही अधिकांश आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर चुका है। अब आरोपी इलाहाबाद हाई कोर्ट में जमानत मांग रहे हैं, जहां घनश्याम हेमलानी उनकी याचिकाओं का कड़ा विरोध कर रहे हैं।