भगवान ऋषभदेव तीर्थ प्रभावना रथ का हुआ कलाकुंज जैन मंदिर में मंगल आगमन
आगरा। भगवान ऋषभदेव एवं पांच तीर्थंकरों की शाश्वत जन्मभूमि अयोध्या से जैन समाज की गणिनी प्रमुखश्री ज्ञानमति माता की प्रेरणा से अयोध्या तीर्थ प्रभावना रथ राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा आदि अनेक प्रांतों में भ्रमण करता हुआ अब उत्तर प्रदेश में भ्रमण कर रहा है।
आगरा भ्रमण के अंर्तगत यह रथ गुरूवार को मारूति एस्टेट स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर कलाकुंज पहुंचा। जहां संपूर्ण जैन समाज ने रथ का भव्य स्वागत किया एवं शोभायात्रा निकाली। रथ का संचालन कर रहे पंडित अकलंक जैन ने बताया कि इस रथ का उद्देश्य धर्म की प्राचीनता एवं अयोध्या में पांच तीर्थंकरों की जन्मभूमि का विकास करना है।
उन्होंने बताया कि भारत का नाम भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत के नाम से पड़ा है। चक्रवर्ती सम्राट भरत भी अयोध्या में जन्मे थे। अयोध्या में बहुत ही भव्य पांच जिन मंदिर एवं विशाल धर्मशाला का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है।
सौधर्म इन्द्र के रूप में रथ पर बैठने का सौभाग्य सुरेशचंद दीपक जैन परिवार को, धनकुबेर बनकर रत्नवष्टि करने का सौभाग्य अजय कुमार जैन एवं रश्मि जैन परिवार को मिला।भगवान ऋषभदेव की प्रथम आरती का सौभाग्य दीपचंद जैन एवं भगवान ऋषभदेव को सर्वप्रथम झुलाने का सौभाग्य स्वीटी जैन एवं संदीप जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर मंदिर के अध्यक्ष रविन्द्र जैन, मनोज जैन, अजय जैन, मुकेश जैन भगत, आदित्य जैन भगत, संयम जैन भगत, दिव्यांशु जैन, राहुल जैन, शुभम जैन, वीर सेवा महिला मंडल की अध्यक्षा मंजरी जैन, मंत्री, स्वीटी जैन, चंचल जैन एवं वीर चरण सेवक मंडल एवं कलाकुंज एवं अवधपुरी जैन मंदिर कमेटी के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।