आगरा–जयपुर रेल रूट पर बड़ा बदलाव, दोहरी लाइन से बदलेगी यात्रियों और माल ढुलाई की तस्वीर

आगरा। आगरा–जयपुर रेलमार्ग पर भरतपुर से बांदीकुई के बीच चल रहा दोहरीकरण कार्य अब सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के आर्थिक व यातायात भविष्य को नई दिशा देने वाला कदम बनने जा रहा है। इस रूट पर दूसरी रेल लाइन बिछने से जहां यात्रियों को तेज और निर्बाध सफर मिलेगा, वहीं मालगाड़ियों की आवाजाही से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी जबरदस्त गति मिलेगी।

Jan 11, 2026 - 13:33
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आगरा–जयपुर रेल रूट पर बड़ा बदलाव, दोहरी लाइन से बदलेगी यात्रियों और माल ढुलाई की तस्वीर
प्रतीकात्मक इमेज।

भरतपुर–बांदीकुई सेक्शन पर कई स्थानों पर ट्रैक बिछाने का काम तेजी से जारी है। रेलवे लाइन के आसपास भूमि समतलीकरण का काम पहले ही शुरू हो चुका है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि परियोजना अब धरातल पर आकार ले रही है। रेलवे की योजना जुलाई 2026 तक इस रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू करने की है, हालांकि प्लेटफार्म विस्तार और स्टेशन विकास जैसे कार्य अभी बाकी हैं। इन्हीं कारणों से समय-सीमा में कुछ बदलाव संभव है, लेकिन हालात अनुकूल रहे तो वर्ष 2026 के अंत तक यह रूट पूरी तरह चालू हो जाएगा।

फिलहाल बांदीकुई से आगरा की यात्रा में यात्रियों को लगभग चार घंटे का समय लगता है। दोहरीकरण के बाद आगरा की यात्रा में समय की बचत होगी। इस मार्ग से रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं, जिनके लिए यह बदलाव बड़ी राहत लेकर आएगा।

आगरा से बांदीकुई तक दोहरीकरण परियोजना पर करीब 1387 करोड़ रुपये खर्च होंगे। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इसके लिए 70 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बांदीकुई से जयपुर तक पहले से ही डबल रेल लाइन मौजूद है। आगरा तक डबल लाइन जुड़ते ही यह पूरा सेक्शन सुपरफास्ट रेल कॉरिडोर का रूप ले लेगा। आगरा–बांदीकुई सिंगल लाइन का विद्युतीकरण 2021 में पूरा हो चुका है, जिससे तेज संचालन की तकनीकी तैयारी पहले से मौजूद है।

इस रूट से प्रतिदिन 20 से 25 मालगाड़ियां और 16 पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। दोहरीकरण के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ाना आसान होगा, संचालन अधिक सुचारू रहेगा और समयपालन में भी बड़ा सुधार आएगा।

इस रूट के दोहरीकरण का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक तय किया गया है। कार्य तेज गति से चल रहा है और यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले वर्ष के मध्य तक ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा सकता है।

SP_Singh AURGURU Editor