मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने बताया योगी को बताया देश का सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री, कानून का राज, दंगा-मुक्त प्रदेश, मुस्लिमों की बड़ी तादाद उन्हें पसंद करती है
उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, दंगा-मुक्त माहौल और बिना भेदभाव के विकास कार्यों को लेकर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ का शासन मुसलमानों सहित हर वर्ग के लिए सुरक्षित और न्यायपूर्ण रहा है, यही वजह है कि मुस्लिम समाज की बड़ी तादाद उन्हें पसंद करती है।
-रमेश कुमार सिंह-
बरेली। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देश के मुख्यमंत्रियों में सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि उनके शासनकाल की सबसे बड़ी पहचान चुस्त-दुरुस्त कानून व्यवस्था और पूरे प्रदेश का दंगा-मुक्त रहना है।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल को निष्पक्ष रूप से देखा जाए तो यह साफ दिखाई देता है कि उन्होंने कभी भी मुसलमानों को टारगेट नहीं किया। न मदरसों पर ताले लगाए गए और न ही मज़ारों पर बुलडोजर चलाया गया। प्रदेश में जो गिनी-चुनी घटनाएं सामने आईं, उनका संबंध न्यायालयी आदेशों से रहा, न कि मुख्यमंत्री स्तर के किसी निर्देश से।
उन्होंने देश के अन्य मुख्यमंत्रियों से तुलना करते हुए कहा कि असम के मुख्यमंत्री हेमंत कुमार बिस्वा सरमा ने सत्ता में आते ही लगभग 1200 मदरसों पर ताले लगवाए और मदरसा शिक्षा व्यवस्था को समाप्त कर दिया, साथ ही असमी मुसलमानों को बांग्लादेशी बताकर प्रताड़ित किया गया। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिक संहिता कानून लागू कर मुसलमानों को चिढ़ाने का प्रयास किया गया, दो दर्जन से अधिक मदरसों पर ताले लगाए गए और करीब 125 सूफी मज़ारों पर बुलडोजर चलवाया गया।
इन सबके उलट उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रवैया पूरी तरह अलग और संतुलित रहा। मौलाना ने कहा कि योगी जी ने अपने पूरे शासनकाल में किसी मदरसे को बंद नहीं कराया और न ही किसी मज़ार को निशाना बनाया। उनका दृष्टिकोण टकराव का नहीं, बल्कि विकास और कानून के दायरे में शासन का रहा है।
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन समग्र विकास का है। वे प्रदेश के हर नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म या वर्ग से हो, के विकास के लिए प्रयासरत हैं। उनके जनता दरबार में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचती हैं। जनता दरबार की तस्वीरों और वीडियो में बुर्का पहनी महिलाएं मुख्यमंत्री के सामने बैठी दिखाई देती हैं। यहां तक कि छोटे-छोटे मुस्लिम बच्चे भी स्कूल में दाखिले जैसी समस्याओं को लेकर उनके पास आते हैं।
उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ हर फरियादी की बात सुनते हैं और समाधान के निर्देश देते हैं। आज तक ऐसा कोई उदाहरण सामने नहीं आया कि मुख्यमंत्री ने किसी मुस्लिम नागरिक के साथ भेदभाव किया हो। यही कारण है कि मुस्लिम समाज का एक बड़ा वर्ग उन्हें पसंद करता है और उन्हें एक मजबूत, न्यायप्रिय और विकासशील मुख्यमंत्री मानता है।