जंगल में चल रही थी 'मिनी गन फैक्ट्री', एत्मादपुर पुलिस ने 5 हथियार तस्कर किए गिरफ्तार

आगरा-फिरोजाबाद बॉर्डर स्थित छोटा सुरेरा के जंगल में चल रही अवैध असलहा निर्माण फैक्ट्री का एत्मादपुर पुलिस, एसओजी, साइबर सर्विलांस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने शुभम शर्मा, आदिल, राशिद हुसैन, आसिफ और प्रिंस नागवाड़ी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से पांच तमंचे, एक पिस्टल, कारतूस, अर्धनिर्मित हथियार, हथियार बनाने के उपकरण, तीन गैस सिलेंडर, मोबाइल और नकदी बरामद हुई। पुलिस पूरे हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी है।

Aug 2, 2026 - 17:54
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जंगल में चल रही थी 'मिनी गन फैक्ट्री', एत्मादपुर पुलिस ने 5 हथियार तस्कर किए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपी और उनको पकड़ने वाली पुलिस टीम।

आगरा-फिरोजाबाद बॉर्डर के छोटा सुरेरा जंगल में अवैध असलहा निर्माण का भंडाफोड़, तमंचे-पिस्टल, कारतूस, गैस सिलेंडर और हथियार बनाने के उपकरण बरामद

आगरा। कमिश्नरेट आगरा की थाना एत्मादपुर पुलिस ने साइबर सर्विलांस, काउंटर इंटेलिजेंस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए आगरा-फिरोजाबाद सीमा पर संचालित एक अवैध असलहा निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छोटा सुरेरा के जंगल में चल रही इस फैक्ट्री से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, मुखबिर और तकनीकी सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने छोटा सुरेरा के जंगल में घेराबंदी कर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मौके से शुभम शर्मा, आदिल, राशिद हुसैन, आसिफ और प्रिंस नागवानी को गिरफ्तार किया गया।

मांग के अनुसार तैयार होते थे हथियार

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जंगल में छिपकर अवैध हथियार तैयार करते थे और ऑर्डर मिलने पर उनकी सप्लाई करते थे। पुलिस के मुताबिक शुभम शर्मा और आदिल आगरा में अवैध हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संभालते थे, जबकि प्रिंस नागवानी  फिरोजाबाद, एटा और आसपास के जिलों में हथियार पहुंचाने का काम करता था।

भारी मात्रा में हथियार और उपकरण बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच अवैध तमंचे, एक पिस्टल, कारतूस, अर्धनिर्मित हथियार, हथियार बनाने के उपकरण, तीन एलपीजी गैस सिलेंडर, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की। मौके से बरामद मशीनें और उपकरण इस बात की पुष्टि करते हैं कि जंगल में ही हथियारों का निर्माण किया जा रहा था।

नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि अब तक कितने हथियार तैयार कर बेचे गए, किन-किन जिलों में उनकी सप्लाई की गई और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विभिन्न जिलों में भी जानकारी जुटा रही है।

एसीपी ने दी कार्रवाई की जानकारी

एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई थाना एत्मादपुर पुलिस, साइबर सर्विलांस, काउंटर इंटेलिजेंस और एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।