सांसद नवीन जैन ने राज्यसभा में देहदान पर उठाई आवाज, सरकार जागरूकता अभियान चलाए

नई दिल्ली। मानवता, सेवा और परोपकार की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नवीन जैन ने संसद में मरणोपरांत देहदान के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इस विषय पर व्यापक जागरूकता की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यह न केवल चिकित्सा क्षेत्र के लिए बल्कि समाज के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

Mar 26, 2026 - 18:16
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सांसद नवीन जैन ने राज्यसभा में देहदान पर उठाई आवाज, सरकार जागरूकता अभियान चलाए
राज्यसभा में बोलते सांसद नवीन जैन।

सांसद नवीन जैन ने अपने संबोधन में कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल स्वयं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्रहित में योगदान देना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी परंपरा त्याग और परोपकार की भावना से ओत-प्रोत रही है, जिसका सार परोपकारार्थं इदं शरीरम् जैसे शास्त्रीय वाक्य में स्पष्ट झलकता है।

उन्होंने महर्षि दधीचि का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका जीवन इस बात का प्रतीक है कि लोककल्याण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करना ही सच्चा धर्म है। देहदान भी उसी भावना का आधुनिक स्वरूप है, जो मृत्यु के बाद भी समाज की सेवा का अवसर प्रदान करता है।

सांसद जैन ने बताया कि वर्तमान समय में देश के कई चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त मानव शरीर उपलब्ध नहीं हो पाते। एक कुशल चिकित्सक के निर्माण के लिए व्यावहारिक अध्ययन आवश्यक होता है, और ऐसे में देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि समाज में अभी भी देहदान को लेकर कई भ्रांतियां और संकोच मौजूद हैं। धार्मिक मान्यताओं, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया और सम्मान को लेकर लोगों के मन में अनेक सवाल हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि देहदान पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया है, जिसे पूर्ण सम्मान और गरिमा के साथ संपन्न किया जाता है, और किसी भी धर्म में परोपकार का विरोध नहीं किया गया है।

अंत में सांसद नवीन जैन ने सरकार से आग्रह किया कि देहदान के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएं, शैक्षणिक संस्थानों में इस विषय पर चर्चा को बढ़ावा दिया जाए तथा देहदान करने वाले परिवारों को सम्मानित किया जाए, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और अधिक से अधिक लोग इस पुण्य कार्य के लिए प्रेरित हों।

SP_Singh AURGURU Editor