आगरा से ग्लोबल बाजार तक एमएसएमई की उड़ानः यूपी एमएसएमई निर्यात सम्मेलन 2026 बना उद्यमियों के लिए गेम-चेंजर, दूसरे दिन बना वैश्विक रोडमैप, 20 उद्यमियों को ग्रोथ कैटालिस्ट अवॉर्ड
आगरा। आर्थिक आत्मनिर्भरता, औद्योगिक विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की ठोस रूपरेखा के साथ आगरा में आयोजित दो दिवसीय उत्तर प्रदेश एमएसएमई निर्यात सम्मेलन 2026 का दूसरा दिन प्रभावशाली, व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी रहा। केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, निर्यात विशेषज्ञों और प्रदेशभर से आए सैकड़ों उद्यमियों की सक्रिय सहभागिता ने इस सम्मेलन को वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ने का रोडमैप तैयार करने वाला ऐतिहासिक मंच बना दिया।
सम्मेलन के दूसरे दिन का शुभारंभ डायरेक्टर डीजीएफटी आरके सोनी, एफआईईओ के असिस्टेंट डायरेक्टर आलोक श्रीवास्तव, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के डिप्टी डायरेक्टर रिशु गौतम, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार, चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद अध्यक्ष पूरन डावर, प्रोग्राम कमेटी चेयरमैन गोपाल गुप्ता, मनीष अग्रवाल रावी, दीपक अग्रवाल, राजेंद्र गुप्ता, सीएस अनुज अशोक एवं सीए उमेश गर्ग द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
रजिस्ट्रेशन से शुरू होती है निर्यात की उड़ान : आरके सोनी
मुख्य अतिथि आर.के. सोनी ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में घरेलू और निर्यात, दोनों स्तरों पर अपार संभावनाएं हैं, लेकिन उद्योग की पहली और अनिवार्य सीढ़ी रजिस्ट्रेशन है। बिना पंजीकरण के कोई भी उद्योग सरकारी योजनाओं, प्रोत्साहनों और निर्यात सुविधाओं का पूर्ण लाभ नहीं ले सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार एक मजबूत इकोसिस्टम के निर्माण पर लगातार कार्य कर रही है, जिससे एमएसएमई को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
आरके सोनी ने कहा कि आज भी एमएसएमई द्वारा डायरेक्ट एक्सपोर्ट अपेक्षाकृत कम है। ऐसे सम्मेलन उद्यमियों को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने ट्रेड ई-कनेक्ट पोर्टल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, मार्केट सर्च और बार सर्च को निर्यात विस्तार के लिए अनिवार्य बताया।
उन्होंने गुणवत्ता, ब्रांडिंग और लागत-प्रतिस्पर्धा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि निर्यात नीति में उपलब्ध अवसरों, ड्यूटी स्ट्रक्चर, एफटीए लाभ और संभावित बाजार की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध है।
निर्यात परिदृश्य और एफटीए के अवसर : आलोक श्रीवास्तव
एफआईईओ के असिस्टेंट डायरेक्टर आलोक श्रीवास्तव ने वर्तमान निर्यात परिदृश्य, नव घोषित एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन और भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से मिलने वाले अवसरों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि सही मार्केट रिसर्च और सरकारी पहलों के प्रभावी उपयोग से एमएसएमई निर्यातक वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान बना सकते हैं।
गलत पैकेजिंग से रुक जाता है निर्यात : रिशु गौतम
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के डिप्टी डायरेक्टर रिशु गौतम ने कहा कि कई बार उत्कृष्ट उत्पाद भी केवल गलत पैकेजिंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्वीकृत हो जाते हैं। उन्होंने वैश्विक पैकेजिंग मानकों, अनुपालन और तकनीकी आवश्यकताओं की जानकारी देते हुए कहा कि सही पैकेजिंग निर्यात की कुंजी है।
एग्री-एक्सपोर्ट में ब्रांडिंग से आएगी तेजी : आलोक मिश्रा
एपिडा के आलोक कुमार मिश्रा ने कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात, ब्रांडिंग और प्रमोशन पर कहा कि भारत की वैश्विक पहचान इस क्षेत्र में तेज़ी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि 17 प्रकार के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद ऐसे हैं जिनका निर्यात आसानी से किया जा सकता है। एपिडा के देशभर में 19 क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जो निर्यातकों को मार्गदर्शन और विक्रेता-क्रेता मीटिंग की सुविधा प्रदान करते हैं।
उन्होंने ऑर्गेनिक और प्रमाणित कृषि उत्पादों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यूरोपीय देशों में एपिडा प्रमाणपत्र अनिवार्य है।
टैक्सेशन की अनदेखी निर्यात को घाटे में बदल सकती है : ऋषि अग्रवाल
इंटरनेशनल टैक्सेशन और नए बाजारों की समझ पर सीए ऋषि अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक बाजार में प्रवेश केवल उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है।
उन्होंने डबल टैक्सेशन अवॉयडेंस एग्रीमेंट (DTAA), ट्रांसफर प्राइसिंग और अंतरराष्ट्रीय कंप्लायंस नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि सही टैक्स प्लानिंग और डॉक्यूमेंटेशन के बिना निर्यात लाभदायक नहीं हो सकता।
एमएसएमई संगठित होकर करें निर्यात : अनिल भारद्वाज
एफआईएसएमई के महासचिव अनिल भारद्वाज ने कहा कि नए बाजारों की पहचान और उपभोक्ता व्यवहार की समझ निर्यात वृद्धि की कुंजी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि एमएसएमई उद्यमी संगठित होकर निर्यात करें और इसके लिए सरकार को एक्सपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
ओडीओपी से वैश्विक पहचान : अनुज कुमार
संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार ने कहा कि ओडीओपी उत्तर प्रदेश की विशिष्ट पहचान है। मथुरा का पेड़ा, आगरा का पेठा, हस्तशिल्प और परिधान आज वैश्विक बाजार में पहचान बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि ओडीओपी उत्पाद निर्यात के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक ताकत में बदला जा सकता है।
निर्यात से ही आर्थिक आज़ादी संभव : पूरन डावर
चमड़ा एवं फुटवियर उद्योग परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि बिना आर्थिक आज़ादी के कोई भी देश पूर्ण रूप से स्वतंत्र नहीं हो सकता। निर्यात-आयात मजबूत होगा, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा। प्रोग्राम कन्वीनर मनीष अग्रवाल रावी ने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन के बाद और भी उद्यमी वैश्विक बाजार में अपनी पहचान स्थापित करेंगे।
ग्रोथ कैटालिस्ट अवॉर्ड 2026 से निर्यात उद्यमी सम्मानित
सम्मेलन के अंतिम दिन आगरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद और मथुरा के एक दर्जन से अधिक निर्यात उद्यमियों को ग्रोथ कैटालिस्ट अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया।
प्रमुख रूप से गोपाल गुप्ता, डॉ. प्रशांत शर्मा, रजत अस्थाना, ललेश सक्सेना, सीएस आदिति मित्तल, राजकुमार अग्रवाल, अंशुमन अग्रवाल, कृष्णा मित्तल, गगन सचदेवा, विनीत जैन, रोहित अग्रवाल, राकेश लूथरा, कपिल लूथरा, प्रिंस गुप्ता, प्रतीक वासलस, मनु गर्ग, अरुण जैन, शरद गुप्ता, नितिन अग्रवाल और रिंकेश अग्रवाल को सम्मान मिला।
सम्मेलन का संचालन सीएस अनुज अशोक ने किया, जबकि व्यवस्थाओं में अनिल सविता, अपरार्क शर्मा, दिलीप कुमार और सोनू का योगदान रहा।