मातृशक्ति के जागरण से ही होगा राष्ट्र निर्माण: साध्वी ब्रज किशोरी की हिंदू सम्मेलन में हुंकार

आगरा के सुभाष पार्क स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित हिंदू सम्मेलन सनातन चेतना, राष्ट्रभक्ति और मातृशक्ति के जागरण का सशक्त उद्घोष बनकर उभरा। सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में साध्वी ब्रज किशोरी (श्रीधाम वृंदावन) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्र का निर्माण संसद या सत्ता से नहीं, बल्कि माताओं की गोद से होता है। यदि मातृशक्ति जागृत होगी, तो राष्ट्र स्वतः सुरक्षित और सशक्त बनेगा।

Feb 9, 2026 - 21:29
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मातृशक्ति के जागरण से ही होगा राष्ट्र निर्माण: साध्वी ब्रज किशोरी की हिंदू सम्मेलन में हुंकार
सुभाष पार्क स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सनातन सेवा समिति द्वारा आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करतीं साध्वी ब्रज किशोरी। मंच पर आसीन हैं मनोहरी धाकड़, प्रधानाचार्य निधि तिवारी, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता एवं विद्यालय प्रबंधक दिनेश पचौरी।

आगरा। सनातन सेवा समिति द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर, सुभाष पार्क में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में सनातन संस्कृति की प्रखर प्रचारक एवं मुख्य अतिथि साध्वी ब्रज किशोरी ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण उद्बोधन से मातृशक्ति को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया।

साध्वी ब्रज किशोरी ने कहा कि माताएं ही राष्ट्र की प्रथम शिल्पकार होती हैं। मां की गोद में ही राम, कृष्ण, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुष गढ़े जाते हैं। यदि संस्कार नहीं मिले, तो वही संतान राष्ट्र के लिए संकट भी बन सकती है।  उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली गुरु मां होती है, जो तिलक, कंठी, स्वच्छता, राष्ट्रभक्ति और सनातन संस्कारों का बीज बचपन में ही बोती है।

अपने वक्तव्य में उन्होंने दो मार्मिक उदाहरण प्रस्तुत किए। एक ओर भगत सिंह की मां, जिन्होंने राष्ट्र के लिए पुत्र के बलिदान को गर्व से स्वीकार किया, वहीं दूसरी ओर एक अपराधी का उदाहरण दिया, जिसने फांसी से पहले अपनी मां को अपनी गलत परवरिश का कारण बताया। उन्होंने कहा कि संतान का भविष्य मां के संस्कारों पर निर्भर करता है।

साध्वी जी ने जातिवाद को हिंदू समाज को तोड़ने का सबसे बड़ा षड्यंत्र बताते हुए कहा कि शास्त्रों में ‘दलित’ जैसा कोई शब्द नहीं है। समाज एक शरीर की तरह है, जिसमें मुख, भुजाएं, उदर और चरण—सभी आवश्यक हैं। यदि हम व्यवहार में भी ‘हम सब हिंदू हैं’ को अपना लें, तो हिंदू राष्ट्र बनने में देर नहीं लगेगी।

धर्मांतरण और लव जिहाद पर चेताते हुए उन्होंने माताओं से सजग और सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अबला नहीं, बल्कि सृजन, संकल्प और संस्कार की देवी है। काव्यात्मक पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने मातृशक्ति में आत्मविश्वास भरते हुए कहा कि “नारी यदि ठान ले, तो इतिहास बदल सकती है।”

साध्वी ब्रज किशोरी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों के त्याग और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि वे परिवार, सुख और सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्र सेवा में लगे हैं। उन्होंने माताओं से संघ की पांच परिवर्तन की भावना को आत्मसात कर परिवार को संस्कारयुक्त बनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के अंत में साध्वी जी के आह्वान पर उपस्थित माताओं ने दोनों हाथ उठाकर संकल्प लिया- मैं अपने परिवार को संस्कारयुक्त बनाऊंगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोहरी लाल धाकड़ ने की। मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिलीप जी, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, हनुमान सेना महानगर अध्यक्ष धर्मेंद्र धाकड़, सरस्वती शिशु मंदिर की प्रधानाचार्य निधि तिवारी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय प्रबंधक दिनेश पचौरी ने किया।

इस अवसर पर निहाल सिंह धाकड़, नवीन प्रकाश धाकड़, बॉबी लाले, प्रेम सिंह धाकड़, राजू कुशवाहा, राजवीर धाकड़, रामू चौधरी, विक्की धाकड़, अशोक झा, जितेंद्र प्रजापति, भूपेंद्र धाकड़, मनोज चौहान, राजेंद्र धाकड़, उमाशंकर धाकड़, रानी माहौर सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और समाजजन उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor