आगरा में नेहरू नगर क्लब का कवि सम्मेलन: हास्य, वीरता और श्रृंगार रस में डूबे श्रोता
आगरा। नेहरू नगर क्लब द्वारा आयोजित दो दिवसीय दशहरा डांडिया एवं राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के दूसरे दिन देश के जाने-माने कवियों ने काव्य पाठ के माध्यम से समाज और जीवन की विभिन्न उलझनों पर शब्दों की गहरी मार दिखाई। हास्य, श्रृंगार और वीर रस से सराबोर यह कवि संगम श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर गया। विशेष रूप से डॉ. विष्णु सक्सेना के भावपूर्ण रचनाओं ने कार्यक्रम में समां बांध दिया, तो वहीं डॉ. रूचि चतुर्वेदी और अन्य कवियों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं के मन को रसों से भर दिया। आयोजन का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सद्भाव का संदेश फैलाना था।

शुक्रवार को नेहरू नगर पार्क सहित पूरा क्षेत्र रंग-बिरंगी लाइटों की छटा और विशेष रूप से तैयार भव्य महल में कवियों ने अपनी वाणी से वातावरण को उत्सव की दिव्यता से आलोकित कर दिया। कवि सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल और जगदीश प्रसाद बागला और देशभर से आए राष्ट्रीय कवियों ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत में डा रुचि चतुर्वेदी ने गणपति और सरस्वती वंदना के साथ अपना काव्य पाठ प्रस्तुत किया।
इसके बाद जैसे ही गीतों के राजकुमार यश भारती से सम्मानित प्रसिद्ध गीतकार डॉ विष्णु सक्सेना ने अपने काव्य पाठ में "तपती हुई जमी है जल घर बांटता हूं, पतझड़ के रास्तों में बहार बांटता हूं। यह आग का दरिया है जीना भी बहुत मुश्किल है, नफरत के दौर में भी प्यार बांटता हूं.... जैसी चंद रचनाओं के साथ कार्यक्रम में समां बांध दिया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच श्रोताओं ने काव्य पाठ को जमकर सराहा।
राष्ट्रीय कवि सुदीप भोला ने अपने काव्य पाठ में कहा- तब कहीं रावण मारेगा, जो यहां जैसा करेगा, वो यहां वैसा भरेगा।।"
फरीदाबाद से आए राष्ट्रीय कवि दिनेश रघुवंशी ने काव्य पाठ में अपनी रचनाओं से श्रृंगार रस का अद्भुत वर्णन किया उन्होंने कहा-
सितम हँसकर सहेगा और फिर भी मुस्कुरायेगा।
ये दिल आख़िर खिलौना है किसी दिन टूट जायेगा।
हास्य कवि एवं व्यंग्यकार पवन आगरी ने देश की स्थिति पर प्रहार करते हुए अपने शब्दों के माध्यम से कहा- गरीब आदमी जब बैंक से लोन लेता है और उसे नहीं चुका पाता तो वो जेल जाता है।
सुप्रसिद्ध कवित्री गीतकार डॉ रूचि चतुर्वेदी ने विजयादशमी के पर्व पर काव्य पाठ में रामचरितमानस का संदेश देते हुए कहा- निभायी रीत रघुकुल की, दिए संदेश जीवन को बुराई का दशानन, राम जग में, मारने आए।।
इस अवसर क्लब के संस्थापक सतीश इंजीनियर ने बताया कि यह सनातन संस्कृति को समर्पित आयोजन पिछले आठ वर्षों से निरंतर हो रहा है। इस तरह के सामाजिक और धार्मिक आयोजन समाज में युवाओं को प्रेरणा के साथ सामाजिक सद्भाव और समरसता का संदेश देते हैं। आज का काव्य पाठ सभी श्रोताओं के लिए प्रेरणादायक और रसों से सराबोर करने वाला था। संरक्षक पंकज गर्ग,नवीन गर्ग ने संयुक्त रूप से बताया कि पिछले 8 वर्षों में यह आयोजन हर वर्ष बेहतर होता जा रहा है।
इन्होंने किया काव्य पाठ
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में डॉ. विष्णु सक्सेना, डॉ. रूचि चतुर्वेदी, गौरी मिश्रा, हेमा शर्मा, सुदीप भोला, पवन आगरी, लटूरी सिंह लट्ठ, दिनेश रघुवंशी और अनिल बेधड़क अपनी ओजस्वी व भावपूर्ण रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर किया।
कार्यक्रम का संयोजन महेश सिंघल ने किया और आयोजन की देखरेख क्लब अध्यक्ष नवल शर्मा के नेतृत्व में हुई। इस अवसर पर पंकज गर्ग, नवीन गर्ग, सुधीर गुप्ता,महेश गुप्ता, मनीष गर्ग, दीपक अग्रवाल,अभिषेक जैन, प्रदीप अग्रवाल, शिल्पी गुप्ता, शालिनी अग्रवाल, प्रभा अग्रवाल, जितेंद्र गोयल, श्याम अग्रवाल, पूनम शर्मा, नीतू सिंघल आदि उपस्थित रहे।