निराला–नजीर कार्यक्रम में साहित्यिक चेतना का महोत्सव, बसंत की बेला में आगरा ने रचा इतिहास, पुलिस आयुक्त बोले- निराला–नजीर जिंदा रहेंगे तो भारत का साहित्यिक विवेक सुरक्षित रहेगा

आगरा। बसंत पर्व की सांस्कृतिक गरिमा के बीच जनकवि नजीर अकबराबादी, राष्ट्रकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में आयोजित निराला–नजीर कार्यक्रम आगरा की साझी साहित्यिक विरासत का जीवंत प्रमाण बन गया। ताजगंज स्थित शीरोज’ हैंगआउट कैफे’ में आयोजित इस तीन घंटे से अधिक चले संगीतमय-साहित्यिक आयोजन में विचार, कविता, संगीत और राष्ट्रभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला।

Jan 23, 2026 - 19:47
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निराला–नजीर कार्यक्रम में साहित्यिक चेतना का महोत्सव, बसंत की बेला में आगरा ने रचा इतिहास, पुलिस आयुक्त बोले- निराला–नजीर जिंदा रहेंगे तो भारत का साहित्यिक विवेक सुरक्षित रहेगा
शीरोज हैंगआउट कैफे में नजीर-निराला कार्यक्रम में बोलते पुलिस आयुक्त दीपक कुमार। चित्र में गजल गायल सुधीर नारायण और उनकी टीम भी नजर आ रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि अगर निराला और नजीर जिंदा रहेंगे तो देश के साहित्य की आत्मा भी जिंदा रहेगी।  उन्होंने कहा कि आगरा की सांस्कृतिक पहचान ‘नजीर’ से जुड़ी है। नज्म, ग़ज़ल और जनभाषा में कही गई उनकी रचनाएं आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य हैं। नज्म को उनकी मौलिक विधा माना जाता है। वहीं महाप्राण पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ छायावाद के कवि होते हुए भी जन की पीड़ा, संघर्ष और सत्य की आवाज़ बने। नजीर और निराला, दोनों ने साहित्य को जनता से जोड़ा।

कार्यक्रम में शैलेश शर्मा (डीआईजी, आगरा परिक्षेत्र) और सैयद अली अब्बास (डीसीपी नगर) की भी उपस्थिति रही।

बसंत पर नजीर, निराला और नेताजी की रचनाओं की सरस प्रस्तुति

कार्यक्रम में नज्म विधा के अन्वेषक जनकवि नजीर अकबराबादी की जयंती पर उनकी रचनाओं के साथ-साथ राष्ट्रकवि निराला और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भी काव्य-संगीत के माध्यम से श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
नेताजी के जन्मदिवस पर आजाद हिंद फौज के प्रसिद्ध तराने कदम कदम बढ़ाए जा की प्रस्तुति ने श्रोताओं को जोश और गर्व से भर दिया। उल्लेखनीय है कि यह गीत वंशीधर शुक्ल द्वारा रचित और कैप्टन राम सिंह ठाकुर द्वारा संगीतबद्ध है, जो आज भी भारतीय सेना में क्विक मार्च के रूप में बजाया जाता है।

निराला का जन्म वसंत पंचमी पर बंगाल की महिषादल रियासत में हुआ था। साहित्य जगत उन्हें सिद्धांतों से समझौता न करने वाले साहित्यसेवी के रूप में याद करता है।

अमृता विद्या और छांव फाउंडेशन की संगीतमय प्रस्तुति

अमृता विद्या – एजुकेशन फॉर इम्मोर्टालिटी सोसायटी और छांव फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में हुई संगीतमय प्रस्तुति में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त, बेगम अख्तर पुरस्कार और यूपी संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित प्रख्यात गायक सुधीर नारायण ने भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
उन्होंने कहा कि वर्ष भर देश-विदेश में कार्यक्रमों के बावजूद उनका प्रयास रहता है कि बसंत पर्व पर आगरा में रहकर नजीर को याद करें।
उनके साथ खुशी सोनी, हर्षित पाठक, देशदीप शर्मा, सुरेश राजपूत, प्रीती कुमारी, अमन शर्मा, राज मैसी, राजू पाण्डेय सहित अन्य कलाकारों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में कुंदन सोप का सहयोग रहा।

प्रस्तुत रचनाएं थीं- वर दे वीणा वादिनी, निराला की रचना — सखी बसंत आया (राग रागेश्वरी), नजीर की रचना — क्या-क्या कहूँ मैं कृष्ण कन्हैया का बालपन, जब लाद चलेगा बंजारा (बंजारा नामा), रख ध्यान सुनो दंडोत करो जय बोलो कृष्ण कन्हैया, सब की तो बसंते हैं पर यारों का बसंता, हजरत सलीम चिश्ती — हैं दो जहाँ के सुल्तान

बसंत उत्सव, शीरोज’ हैंगआउट और सामाजिक सरोकार

अमृता विद्या सोसायटी के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि नजीर जनकवि थे, जिन्होंने जनता को हालात की सच्चाई बताते हुए जिंदादिली से जीने की प्रेरणा दी। शीरोज’ हैंगआउट कैफे’ भी सकारात्मक जीवन का संदेश देने वाला प्रतिष्ठान है, जहां एसिड अटैक सर्वाइवर्स के संघर्ष को समाज के सामने रखा जाता है।
छांव फाउंडेशन के डायरेक्टर आशीष शुक्ला ने कहा कि ऐसे आयोजन एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए प्रेरणादायक हैं और उनमें साहित्यिक अभिरुचि विकसित हो रही है। रुकैया नियमित रूप से कविता लिख रही हैं, जो इसका उदाहरण है।

नजीर अकबराबादी पर प्रस्तावित फिल्म का प्रोमो

इस अवसर पर नजीर अकबराबादी पर प्रस्तावित बहुभाषी फिल्म का प्रोमो प्रदर्शित किया गया। अनिल शर्मा ने बताया कि फिल्म की शूटिंग शीघ्र प्रारंभ होगी और यह विश्वभर में फैले नजीर प्रेमियों की भावनाओं के अनुरूप होगी।

कार्यक्रम में एक प्रस्ताव पारित कर ताजमहल मेट्रो स्टेशन या मलको गली के आसपास के मेट्रो स्टेशन का नाम जनकवि नजीर अकबराबादी के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया। यह प्रस्ताव शासन और जनप्रतिनिधियों को प्रेषित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त आगरा ने की तथा संचालन दिनेश श्रीवास्तव ने किया।
उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में मन्नू, अर्निका माहेश्वरी, विमल सोलंकी, आरिफ तैमूरी, राजीव सक्सेना, असलम सलीमी, ब्रिगेडियर विनोद दत्ता, विधु दत्ता, रुनु सरकार, डॉ. आभा चतुर्वेदी, ग्रुप कैप्टन डॉ. कुंवर जयपाल सिंह चौहान, आशा चौहान, भुवेश शर्मा, परवेज़ कबीर, डॉ. डी. वी. शर्मा, शिव दयाल शर्मा तथा शीरोज’ हैंगआउट कैफे’ की एसिड अटैक सर्वाइवर्स शामिल रहीं।

SP_Singh AURGURU Editor