राज्यपाल से मिलकर नीतीश कुमार ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, कल शपथ ग्रहण
बिहार में एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। उन्हें कल 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन सहयोगी दलों ने किया। इसके साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने का औपचारिक रास्ता साफ हो गया।
पटना। बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिलकर नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और साथ ही नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। इससे पहले, बिहार में एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को नेता चुना गया। वह कल 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायक दल की बैठक में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। विधानमंडल के सेंट्रल हाल में आयोजित बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका अनुमोदन जदयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी समेत सभी सहयोगी दलों के विधायकों ने किया। इसके साथ ही नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता औपचारिक रूप से साफ हो गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह बृहस्पतिवार को आयोजित किया जाएगा, जिसमें 75 वर्षीय नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।इससे पहले राजग के प्रमुख घटक दलों ने बुधवार को अपने-अपने विधायक दल के नेताओं को चुना। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना गया। वहीं, भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों ने वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना।
जदयू की बैठक पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर के ‘संवाद’ में आयोजित की गई, जिसमें सभी नवनिर्वाचित विधायक और पार्टी से विधान परिषद के 22 सदस्य मौजूद थे। जदयू नेता एवं राज्य के निवर्तमान मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, ‘नवनिर्वाचित विधायकों ने नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुना है।’ उन्होंने बताया कि बैठक में जदयू नेता विजय चौधरी और उमेश कुशवाहा ने प्रस्ताव रखा, जिसका जदयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र यादव ने समर्थन किया और बाद में इस प्रस्ताव का समर्थन जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ ने भी किया। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने उपस्थित नेताओं को संबोधित करते हुए राज्य के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।