फतेहपुर सीकरी की दूरा गौशाला में मृत गायों की संख्या 21 तक पहुंची, जांच में जुटा पशुपालन विभाग, डॊक्टरों ने जताई विषाक्तता की आशंका

-महावीर सिंह वर्मा- फतेहपुर सीकरी/आगरा। थाना क्षेत्र के गांव दूरा स्थित एक निजी गौशाला में अचानक गायों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को जहां करीब डेढ़ दर्जन गोवंश की चराई के दौरान संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी, वहीं सोमवार सुबह तक यह संख्या बढ़कर 21 पहुंच गई। घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है।

Mar 23, 2026 - 19:44
Mar 23, 2026 - 19:45
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फतेहपुर सीकरी की दूरा गौशाला में मृत गायों की संख्या 21 तक पहुंची, जांच में जुटा पशुपालन विभाग, डॊक्टरों ने जताई विषाक्तता की आशंका
फतेहपुर सीकरी के दूरा गांव में सोमवार को कुछ और गायों की मौत की खबर मिलने पर मौके पर एकत्रित ग्रामीण।

खेत में मृत पड़ी एक गाय को देखते ग्रामीण।

चरने के दौरान अचानक गिरकर दम तोड़ने लगीं

गांव दूरा निवासी महावीर बाबा द्वारा पिछले लगभग 30 वर्षों से संचालित निजी गौशाला में बेसहारा गाय, बछड़े और नंदी रखे जाते हैं। रविवार दोपहर उनका पुत्र और एक हेल्पर जब गायों को खेत में चरा रहे थे, तभी अचानक कई गायें एक-एक कर गिरने लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन

घटना की सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तोमर के नेतृत्व में टीम ने बीमार गायों का उपचार शुरू किया और मृत गायों के नमूने (रक्त व बिसरा) जांच के लिए भेजे गए। मृत गोवंश का अंतिम संस्कार भी कराया गया।

जांच में जुटे वरिष्ठ अधिकारी, जहर की आशंका

सोमवार तक कुल 21 गायों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 गायों का इलाज जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर निदेशक डॉ. देवेंद्रपाल सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. अरुण कुमार और डॉ. कुशलपाल सिंह की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण विषाक्तता (जहर) प्रतीत हो रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

मुआवजे की मांग, ग्रामीणों में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्र में रोष व्याप्त है। मौके पर पहुंचे ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गुड्डू चाहर, समाजसेवी अरविंद चाहर, विपिन अग्रवाल, पंडित विनोद शर्मा और विराट कहरवार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और गौशाला संचालक को आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।

सेवा भाव से चलती थी गौशाला

बताया गया कि महावीर बाबा अपनी निजी आय, दूध बिक्री और सेवा भाव से इस गौशाला का संचालन करते हैं। अचानक हुई इस घटना ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से झकझोर दिया है, बल्कि पशु प्रेमियों को भी गहरा आघात पहुंचाया है।

SP_Singh AURGURU Editor