वृद्धावस्था में क्योर से ज्यादा केयर अहमः जीरिएट्रिक सोसाइटी ऒफ इंडिया ने सारकोपीनिया पर जारी की पहली राष्ट्रीय गाइडलाइन, कल से शुरू हो रही कार्यशाला में देश-दुनिया के 500 डॊक्टर करेंगे वृद्धावस्था की समस्याओं और समाधान पर मंथन

आधुनिक भारत में जहां संयुक्त परिवारों की परंपरा टूट रही है, वहीं बढ़ती आयु के साथ स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहे बुजुर्गों के लिए क्योर से ज्यादा केयर की जरूरत उभरकर सामने आई है। जीरिएट्रिक सोसायटी ऑफ इंडिया (जीएसआई) की तीन दिवसीय 38वीं वार्षिक कार्यशाला में शुक्रवार को वृद्धावस्था में मांसपेशियों की कमजोरी (सारकोपीनिया) पर देश की पहली राष्ट्रीय गाइडलाइन जारी की गई। इस कार्यशाला में देश-विदेश से जुटे 500 से अधिक विशेषज्ञ बुजुर्गों की समस्याओं, कारणों और समाधान पर विस्तृत मंथन कर रहे हैं।

Dec 12, 2025 - 19:35
Dec 12, 2025 - 20:28
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वृद्धावस्था में क्योर से ज्यादा केयर अहमः जीरिएट्रिक सोसाइटी ऒफ इंडिया ने सारकोपीनिया पर जारी की पहली राष्ट्रीय गाइडलाइन, कल से शुरू हो रही कार्यशाला में देश-दुनिया के 500 डॊक्टर करेंगे वृद्धावस्था की समस्याओं और समाधान पर मंथन
होटल क्लार्क्स शिराज में जीरिएट्रिक सोसाइटी ऒफ इंडिया द्वारा शुक्रवार को सारकोपीनिया पर पहली राष्ट्रीय गाइडलाइन जारी किए जाने के मौके पर मौजूद पदमश्री डॊ. डीके हाजरा, जीएसआई के अध्यक्ष डॊ. अतुल कुलश्रेष्ठ, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॊ. सुनील बंसल, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. रमेश धनीजा, डॉ. शोक शिरोमणी, डॉ. अजीत चाहर, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. शम्मी कालरा आदि।

45 की उम्र के बाद क्षमता घटने लगती है: राष्ट्रीय गाइडलाइन जारी

होटल क्लार्क्स-शिराज में गाइडलाइन जारी करते हुए जीरिएट्रिक सोसाइटी ऒफ इंडिया (जीएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ ने कहा कि जो बुजुर्ग कभी परिवार का मुखिया हुआ करते थे, अब एकल परिवारों में इन बुजुर्गों के लिए जगह नहीं रही। ओल्ड एज होम की संख्या में निरंतर इजाफा इसका सबूत हैं। उन्होंने कहा कि 45 वर्ष के बाद व्यक्ति की शारीरिक क्षमता लगातार कम होने लगती है। वृद्धावस्था की जटिल समस्याओं और बीमारियों को क्योर करने के बजाय केयर की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि सारकोपीनिया के कारण चलते समय गिर जाना, हाथ से सामान छूट जाना, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी और शरीर में सामान्य शक्ति की कमी जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं।

डॊ. कुलश्रेष्ठ ने बताया कि इस समस्या को कम करने के लिए जीएसआई की 15 डॉक्टरों की टास्क फोर्स ने 6 माह के अध्ययन के बाद जो राष्ट्रीय गाइडलाइन तैयार की है, उसमें प्रोटीन युक्त भोजनस मिनरल व विटामिन बढ़ाने और नियमित स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज पर जोर दिया गया है।

सीएसआई के सचिव विवेक हांडाने ने संयुक्त परिवारों के टूटने को बुजुर्गों की बढ़ती समस्याओं का प्रमुख सामाजिक कारण बताया। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवारों के दौर में भारतीय डेमोग्राफी बहुत अच्छी थी।

आयोजन समिति के अध्यक्ष डॊ. सुनील बंसल ने वृद्धावस्था में ब्लड प्रेशर मैनेजमेंट और दुष्प्रभावों की जानकारी साझा की। सचिव डॉ. कैलाश विश्वानी के अनुसार, कार्यशाला में 500+ विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं और 80 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत तकिये जाएंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. डीके हाजरा एवं डॉ. ओपी शर्मा ने की। संचालन डॉ. शीष गौतम ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. एके गुप्ता, डॉ. रमेश धनीजा, डॉ. शोक शिरोमणी, डॉ. अजीत चाहर, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. शम्मी कालरा, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. निखिल पुरसनानी, डॉ. शुभम जैन, डॉ. श्वेता, डॉ. ज्योति आदि उपस्थित थे।

देश में 10 हजार जीरिएट्रिक एक्सपर्ट की जरूरत जबकि हैं सिर्फ 3-4 हजार

आगरा। डॉ. कौशिक रंजन दास (पूर्व अध्यक्ष, जीएसआई) कोलकाता ने बताया कि देश में बुजुर्गों (60 से अधिक वर्ष के लोग) की संख्या लगभग 15 करोड़ है। जिनकी स्वास्थ सुविधाओं के लिए कम से कम 10 हजार जीरिएट्रिक एक्पर्ट की जरूरत है, जबकि हैं सिर्फ 3-4 हजार। 2050 में भारत में हर पांच व्यक्ति में एक बुजुर्ग होगा। वृद्धावस्था की समस्याएं और इलाज दोनों युवावस्था से अलग हैं। याददाश्त और मांसपेशियों की कमजोरी के साथ शारीरिक क्षमता घटने लगती है। जिसमें इलाज से साथ देखभाल की अधिक जरूरत होती है। जीएसआई जीरिएट्रिक में ऑनलाइन व ऑफलाइन कोर्स करवा रहा है। वृद्धावस्था में टीबी पर डॉ. राहुल भट्टाचार्य, यूके के डॉ. अनिल वृद्धावस्था में उपचार के तरीके पर व्याख्यान दिया।

13 दिसम्बर को शाम 6 बजे होगा उद्घाटन

आगरा। जीरिएट्रिक सोसायटी ऑफ इंडिया की 38वीं वार्षिक कार्यशाला का शुभारम्भ 13 दिसम्बर को शाम 5 बजे होटल क्लार्क्स-शिराज में होगा। मुख्य अतिथि उप्र उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय होंगे। इस अवसर पर एसएन मेडिकल कॊलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशान्त गुप्ता भी मौजूद रहेंगे। 75 पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थिर्यों को जीरिएट्रिक कोर्स की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग व प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। सुबह 10 बजे से साइंटिफिक सेशन प्रारम्भ होंगे।  

वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को सिर्फ छत नहीं सम्पूर्ण सुविधाएं मिलें- डॊ. अतुल कुलश्रेष्ठ

आगरा। जीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि डब्ल्यूएचओ व यूएनआई ने 2021-2030 तक 10 वर्ष में सभी देशों के लिए केयर ऑफ एल्डरली पॉप्यूलेशन के लिए गाइड लाइन जारी की, जिसमें वृद्धाश्रमों में दवा, पूजा, खाने के अलावा सम्पूर्ण व्यवस्था होनी चाहिए। जबकि ज्यादातर वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों को सिर्फ आराम दिया जा रहा है जिससे वह खुद को अकेला और अवसाद में महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ वह खुद को जिम्मेदार भी समझें, इसके लिए उन्हें विभिन्न क्रियाओं से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे दिमाग का खालीपन दूर हो। उन्होंने दयालबाग का उदाहरण देते हुए कहा कि बुजुर्गों को छोटे-छोटे कामों (खेती, कुछ कलात्मकता वाले काम) से जोड़ने के साथ सामाजिक कार्यों में व्यस्त रखा जाना चाहिए।

SP_Singh AURGURU Editor