विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी में खुली लूट, मुंबई के पर्यटक परिवार से गाइड ने की ठगी, 50 रुपये वाले टिकट के 300 रुपये वसूले, दरगाह में 5100 रुपये की चादर चढ़वाई, पर्यटन पुलिस ने लिया एक्शन

देश-विदेश में भारत की सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले विश्व धरोहर स्मारक फतेहपुर सीकरी में अवैध गाइड की मनमानी एक बार फिर बेनकाब हुई है। मुंबई से घूमने आए एक परिवार को यहां ऐसा सबक मिला, जिसने पर्यटन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

Dec 23, 2025 - 11:23
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विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी में खुली लूट, मुंबई के पर्यटक परिवार से गाइड ने की ठगी, 50 रुपये वाले टिकट के 300 रुपये वसूले, दरगाह में 5100 रुपये की चादर चढ़वाई, पर्यटन पुलिस ने लिया एक्शन
फतेहपुर सीकरी में घूमने आया मुंबई का परिवार, जिसके साथ गाइड ने खुलेआम ठगी जैसी हरकतें कीं।

फतेहपुर सीकरी। महाराष्ट्र के मुंबई से फतेहपुर सीकरी भ्रमण पर आई महिला सैलानी रुचिका गाड़ेकर अपने पति और बेटे के साथ स्मारक देखने पहुंचीं, लेकिन यहां अवैध टूरिस्ट गाइड ने उन्हें ठगी का शिकार बना लिया। पीड़िता के अनुसार गाइडों ने स्मारक का निर्धारित 50 रुपये का टिकट 300 रुपये प्रति व्यक्ति बताकर जबरन थमा दिया, जबकि बच्चे का टिकट लगना भी नहीं था।

रुचिका गाड़ेकर ने बताया कि गाइड ने तीन लोगों के टिकट के नाम पर 900 रुपये वसूल लिए और इसके अलावा 900 रुपये गाइड चार्ज भी तय किया। स्मारक के भीतर ले जाकर गाइड न तो सही जानकारी दे रहा था और न ही व्यवस्थित ढंग से भ्रमण करा रहा था। वह तेजी से चलते हुए स्मारक में घुमा रहा था। इसी दौरान जब रुचिका की नजर टिकट शुल्क बोर्ड पर पड़ी, तो वहां वास्तविक शुल्क 50 रुपये अंकित था। इसके बाद भी गाड़ेकर फैमिली ने गाइड से कुछ न कहकर खुद को समझा लिया।

इसके बाद गाइड उन्हें दरगाह लेकर गया और जबरन चादर चढ़ाने का दबाव बनाया। गाड़ेकर दंपति के मना करने पर गाइड ने कहा कि सोमवार है और बाबा का दिन है। गाइड ने झांसे में लेकर दंपति से 5100 रुपये की चादर खरीदवाई। इतना ही नहीं, चादर चढ़ाते समय 200 रुपये अलग से रखने को कहा गया, जिसे गाइड ने चुपके से अपनी जेब में डाल लिया।

नीचे उतरने पर जूते रखने का भी भुगतान कराया गया और इसके बाद गाइड ने भावनात्मक दबाव बनाते हुए कहा कि उसे केवल 7-8 हजार रुपये वेतन मिलता है और पर्यटकों की मदद से ही घर चलता है। जब रुचिका गाड़ेकर ने कहा कि आपने जबरन चादर चढ़वाकर ठगी की है तो तो गाइड मुकरने लगा और कहने लगा कि सब कुछ उनकी मर्जी से हुआ है।

इसी दौरान पर्यटन पुलिस में तैनात प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे। शिकायत सुनते ही उन्होंने पीड़ित परिवार से लिखित में शिकायत ली। पर्यटन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गाइड से 5100 रुपये पीड़िता को वापस कराए। प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित गाइड के खिलाफ पर्यटन विभाग को शिकायत भेज दी गई है और आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पर्यटन पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि फतेहपुर सीकरी जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर सैलानियों से ठगी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत गाइडों की सेवाएं लें और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अवैध वसूली की स्थिति में तुरंत पर्यटन पुलिस को सूचना दें।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि विश्व धरोहर स्थलों पर अवैध गाइडों पर सख्त नियंत्रण और प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि भारत की पर्यटन छवि धूमिल न हो और सैलानियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

SP_Singh AURGURU Editor