आगरा में फिजियोथैरेपिस्ट को डिजिटल ट्रेडिंग के नाम पर हनी ट्रैप कर 33.87 लाख का चूना लगाया

आगरा। साइबर अपराधियों ने सोशल मीडिया के जरिए एक फिजियोथैरेपी क्लीनिक संचालक को हनी ट्रैप में फंसाकर 33 लाख 87 हजार की ठगी कर ली। फेसबुक पर शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे व्हाट्सएप चैट और ऑनलाइन ट्रेडिंग स्कीम में बदल गई। मामला सामने आने के बाद साइबर क्राइम थाना, आगरा ने जांच शुरू कर दी है।

Oct 31, 2025 - 10:37
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आगरा में फिजियोथैरेपिस्ट को डिजिटल ट्रेडिंग के नाम पर हनी ट्रैप कर 33.87 लाख का चूना लगाया

मधुनगर निवासी भूपेंद्र कुमार, जो एक फिजियोथैरेपी क्लीनिक चलाते हैं, ने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त को उन्हें एक युवती की फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। युवती ने खुद को सारा मेहता (पुणे निवासी) बताया।

पहले झांसे में लेकर युवती ने उन्हें ‘डिजिटल गोल्ड मिरेकल ट्रेडिंग’ वेबसाइट पर अकाउंट खोलने और 49,000 रुपये से ट्रेडिंग शुरू करने का सुझाव दिया। शुरुआती मुनाफ़े का झांसा देकर उसने भूपेंद्र का भरोसा जीत लिया। इसके बाद लगातार अधिक निवेश का दबाव बनाकर उनसे 4.18 लाख तक निवेश करवा लिया।

जब भूपेंद्र ने अपनी जमा की हुई रकम और कथित मुनाफे को जोड़कर वेबसाइट से अपने 81,558 डॉलर (करीब 65.24 लाख) निकालने की कोशिश की, तो खाते को फ्रीज़ दिखाया गया। वेबसाइट से मेल मिला कि रकम निकालने के लिए पहले 30% टैक्स यानी 18.70 लाख जमा करने होंगे। भूपेंद्र ने दोस्तों से उधार लेकर यह रकम भी भेज दी, लेकिन पैसे जारी नहीं हुए।

इसके बाद ठगों ने नया झांसा दिया और कहा कि उनके पार्टनर ने शिकायत की है, इसलिए खाता फ्रीज़ है। खाते को दोबारा खोलने के लिए 4.68 लाख रुपये और मांगे गए, जो भूपेंद्र ने भेज दिए। फिर 10 लाख और की मांग पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

मानसिक तनाव में पहुंचे पीड़ित ने बताया कि लगातार झूठे वादों और पैसों की मांग से वे डिप्रेशन में चले गए। अब साइबर क्राइम पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल हुए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, आईपी एड्रेस और वेबसाइट डोमेन की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित अंतरराज्यीय साइबर गैंग का मामला लगता है, और जल्द ही ठगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

SP_Singh AURGURU Editor