डिप्टी सीएम के सामने फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा, बोले “फोन तक नहीं उठाती पुलिस,

आगरा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आगरा दौरे के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित जनप्रतिनिधियों की समीक्षा बैठक उस समय बेहद तीखी हो गई, जब मंच के सामने ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ जनप्रतिनिधियों का दर्द फूट पड़ा। विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि आगरा कमिश्नरेट पुलिस का रवैया निरंकुश है, हालात यह हैं कि मिलना तो दूर, कई अधिकारी विधायकों के फोन तक नहीं उठाते।

Jan 9, 2026 - 22:19
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डिप्टी सीएम के सामने फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा, बोले “फोन तक नहीं उठाती पुलिस,
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या।

आगरा कमिश्नरेट पर मनमानी के गंभीर आरोप

आगरा। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आगरा दौरे के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित जनप्रतिनिधियों की समीक्षा बैठक उस समय बेहद तीखी हो गई, जब मंच के सामने ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ जनप्रतिनिधियों का दर्द फूट पड़ा। विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि आगरा कमिश्नरेट पुलिस का रवैया निरंकुश है, हालात यह हैं कि मिलना तो दूर, कई अधिकारी विधायकों के फोन तक नहीं उठाते।

बैठक में किरावली और जीवनी मंडी से जुड़े प्रकरणों को प्रमुखता से उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के बजाय पुलिस मनमानी करती है, जिससे जनविश्वास कमजोर हो रहा है। कुछ मामलों में पीड़ितों को महीनों तक थाने के चक्कर काटने पड़ते हैं, फिर भी सुनवाई नहीं होती।

इसके साथ ही जिला जेल की अव्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए। जनप्रतिनिधियों ने जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए बंदियों की सुविधाओं, मुलाकात व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की शिकायतें उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एसआईआर (Special Investigation/Review) के कार्यों में पूरी गंभीरता बरती जाए, शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बेहतर किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में प्रमुख रूप से सांसद राजकुमार चाहर, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, भगवान सिंह कुशवाहा, डॉ. जीएस धर्मेश, छोटेलाल वर्मा, डॉ. धर्मपाल सिंह,  महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा, एमएलसी विजय शिवहरे आदि मौजूद थे। इसके अलावा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कमिश्नरेट के जिम्मेदार अफसर और संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक के बाद संकेत साफ हैं कि आगरा में पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली को लेकर सरकार अब सख्ती के मूड में है।