राघव चड्ढा बोले -मुझ पर कोआर्डिनेटेड अटैक हुआ,   मैं चुप रहता तो हर झूठ को सच माना जाता,  हर सवाल का करारा जवाब दिया जाएगा

Apr 4, 2026 - 18:55
 0
  राघव चड्ढा बोले -मुझ पर कोआर्डिनेटेड अटैक हुआ,   मैं चुप रहता तो हर झूठ को सच माना जाता,  हर सवाल का करारा जवाब दिया जाएगा
आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि मैं पार्लियामेंट में शोर मचाने, चीखने या चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने के लिए नहीं गया। मैं वहां पर जनता के मुद्दे को उठाने गया हूं।  नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से नाराजगी की खबरों के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता। उन्होंने कहा कि मुझ पर कोऑर्डिनेटेड अटैक किया गया। एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने कहा, ''कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है। सेम भाषा, सेम बातें और सेम आरोप। यह कोई संयोग नहीं है बल्कि कोऑर्डिनेटेड अटैक है। पहले मैंने सोचा कि इसका जवाब नहीं देना चाहिए फिर लगा कि कहीं झूठ को सौ बार बोला जाय तो इसे कुछ लोग मान न लें। इसलिए मैंने सोचा कि जवाब दूं। आम आदमी पार्टी ने तीन आरोप लगाते हुए ये कहा कि इन आरोपों की वजह से हम राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका नहीं देंगे। राघव चड्ढा के पार्लियामेंट में बोलने पर रोक इसलिए लगाई गई क्योंकि उन्होंने तीन गलतियां कीं।''
राघव चड्ढा ने कहा, ''मेरे ऊपर पहला आरोप है कि जब विपक्ष पार्लियामेंट से वॉकआउट करता है तो राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं, वो वॉकआउट नहीं करते हैं। ये सरासर झूठ है। सफेद झूठ है। मैं चुनौती देता हूं कि एक दिन ऐसा बताएं जब विपक्ष ने वॉकआउट किया हो और मैंने उनका साथ न दिया हो। पार्लियामेंट में तो हर जगह सीसीटीवी कैमरा है। आप सीसीटीवी कैमरा निकालकर दिखा दीजिए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा, ''आम आदमी पार्टी ने मेरे ऊपर दूसरा आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर के इंपीचमेंट मोशन पर यानी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने वाली जो याचिका थी, उस पर साइन करने से मना कर दिया। ये दूसरा सफेद झूठ है। आम आदमी पार्टी के किसी नेता ने मुझे न तो औपचारिक और ना ही अनौपचारिक तौर पर इस मोशन पर साइन करने के लिए कहा.''6 या 7 सांसदों ने इस पर खुद ही साइन नहीं किया।
चड्ढा ने कहा, ''आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से 6 या 7 सांसदों ने इस पर खुद ही साइन नहीं किया तो भला इसमें मेरी क्या गलती है? पूरा दोष मुझपर ही क्यों मढ़ा जा रहा है। इस मोशन के लिए राज्यसभा से कुल 50 ही हस्ताक्षर चाहिए होते हैं। यानी 105 विपक्षी सांसदों में से मात्र 50 सिग्नेचर से ये याचिका पूरी हो जाती तो इतना शोर क्यों? 
उन्होंने कहा, ''मुझ पर जो तीसरा आरोप लगाया वो ये था कि राघव चड्ढा डर गए हैं और इसलिए वो बेकार के मुद्दे उठाते हैं। मैं बता दूं कि पार्लियामेंट में शोर मचाने, चीखने या चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने के लिए नहीं गया। मैं वहां पर जनता के मुद्दे को उठाने गया हूं। लोगों की बात करने गया हूं। मैंने कौन सा मुद्दा नहीं उठाया? मैंने जीएसटी से लेकर इनकम टैक्स की बात की। पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा का मुद्दा उठाया। हमारी सरकारी स्कूलों की हालत से लेकर पब्लिक हेल्थ केयर संस्थाओं को मजबूत करने की बात की। भारतीय रेलवे में जो पैसेंजर ट्रैवल करते हैं, उनकी समस्याएं रखीं।' राघव चड्ढा ने आगे कहा, ''बेरोजगारी से लेकर महंगाई तक तमाम मुद्दे उठाए। आप मेरे चार साल के पार्लियामेंट का ट्रैक रिकॉर्ड उठाकर देख लीजिए। मैं पार्लियामेंट में इंपैक्ट क्रिएट करने गया हूं, वहां हंगामा खड़ा करने नहीं गया। टैक्स पेयर के पैसे से जो पार्लियामेंट चलती है, उस टैक्स पेयर के मुद्दे उठाने के लिए मैं संसद में गया हूं। अंत में मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि जो लोग मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा और हर सवाल का जवाब दिया जाएगा क्योंकि मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं।''