एस जयशंकर बोले- भारत और अफ्रीका की हिस्सेदारी अहम, यूएन में पाकिस्तान की धुलाई के बीच संयुक्त राष्ट्र में सुधार की मांग

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को कड़ा जवाब देते हुए डॉक्टर एस. जयशंकर ने यूएन में सुधार पर जोर दिया है। इस दौरान प्रतिनिधित्व, सुरक्षा, जवाबदेही और प्रभाव को लेकर चल रही खींचतान पर बात हुई है।

Oct 10, 2026 - 20:27
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एस जयशंकर बोले- भारत और अफ्रीका की हिस्सेदारी अहम, यूएन में पाकिस्तान की धुलाई के बीच संयुक्त राष्ट्र में सुधार की मांग

न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में सुधार का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि ग्लोबल फैसले लेने की प्रक्रिया में भारत और अफ्रीका का प्रतिनिधित्व कम नहीं रहना चाहिए। ऐसे में यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर दुनिया को ध्यान देना चाहिए। भारत ने परमाणु हथियारों को लेकर पाकिस्तान की बयानबाजी और जम्मू-कश्मीर पर उसके झूठ की भी कड़ी आलोचना की।

अदीस अबाबा में एक कार्यक्रम में बोलते हुए डॉक्टर जयशंकर ने यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार को जरूरी बताया ताकि ग्लोबल गवर्नेंस अधिक लोकतांत्रिक और दुनिया के सभी देशों का प्रतिनिधित्व करने वाला बन सके। उन्होंने खासतौर से ग्लोबल फैसले लेने की प्रक्रिया में भारत और अफ्रीका के ज्यादा प्रतिनिधित्व पर जोर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि परमाणु हथियारों को शासन-कला के सामान्य साधन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। भारत ने कहा कि वह परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। यूएन में तीखी बहस के दौरान भारत ने कहा कि यह अफसोसजनक है कि पाकिस्तान भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बारे में झूठ और गलत बातें फैलाकर इस वैश्विक संगठन के मंच का गलत इस्तेमाल कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की मांग लंबे समय से की जा रही है। हाल ही में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में दुनिया के कई नेताओं ने जोर देकर ये कहा कि मौजूदा समय में ये व्यवस्था काफी हद तक नाकाम साबित हो रही है। ये संस्था ईरान, इजरायल, रूस, यूक्रेन से म्यांमार और सूडान तक चल रह संघर्षों में कोई मजबूत दखल नहीं दे सकी है।

यूएनएससी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र की मुख्य संस्था है। इसमें 15 सदस्य (5 स्थायी और 10 बदलने वाले अस्थायी सदस्य) होते हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में वीटो पावर संयुक्त राष्ट्र के 5 स्थायी सदस्यों के पास है। इन देशों को 'P5' भी कहा जाता है। ये देश- अमेरिका, रूस, चीन, यूके, ब्रिटेन और फ्रांस हैं।

वीटो पावर यूएनएससी में इन पांच देशों की ताकत बहुत बढ़ा देती है। वीटो पावर एक विशेष अधिकार है। पी5 में से कोई देश अगर किसी प्रस्ताव के खिलाफ वोट करता है तो वह प्रस्ताव रद्द हो जाता है। यह नियम तब भी लागू होता है जब बाकी के सदस्य देश उस प्रस्ताव के पक्ष में हों। यानी वीटो पावर वाला एक ही देश किसी प्रस्ताव को रोक सकता है।