भाजपा के वरिष्ठ दलित नेता ओम प्रकाश सागर का हृदयाघात से निधन,पार्टी व शहर में शोक की लहर

आगरा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ दलित नेता, श्रम प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक एवं संगठन के समर्पित सिपाही ओम प्रकाश सागर का देर रात लगभग 1:00 बजे हृदयाघात से निधन हो गया। वे करीब 68 वर्ष के थे और पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे थे। उनके अचानक निधन की खबर से भाजपा संगठन के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

Dec 22, 2025 - 14:04
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भाजपा के वरिष्ठ दलित नेता ओम प्रकाश सागर का हृदयाघात से निधन,पार्टी व शहर में शोक की लहर
भाजपा नेता ओम प्रकाश सागर

आगरा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ दलित नेता, श्रम प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक एवं संगठन के समर्पित सिपाही ओम प्रकाश सागर का  देर रात लगभग 1:00 बजे हृदयाघात से निधन हो गया। वे करीब 68 वर्ष के थे और पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे थे। उनके अचानक निधन की खबर से भाजपा संगठन के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

ओम प्रकाश सागर भाजपा के उन चुनिंदा दलित नेताओं में शुमार थे, जिन्होंने उस दौर में पार्टी को मजबूती दी जब संगठन में दलित नेतृत्व बेहद सीमित था। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में पार्टी का झंडा उठाया और लंबे समय तक जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का कार्य किया। वे वर्षों तक विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते रहे और पार्टी के कार्यक्रमों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाते रहे। उनके सरल स्वभाव, स्पष्ट विचारों और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा के कारण वे कार्यकर्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय थे।

वर्ष 1991 में भाजपा ने उन्हें फिरोजाबाद सुरक्षित लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। उस समय उन्होंने पार्टी के पूर्व सांसद भगवान शंकर रावत से यह कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया कि “क्यों मरवाना चाहते हो”, क्योंकि उस दौर में परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण थीं। बाद में पार्टी ने प्रभुदयाल कठेरिया को प्रत्याशी बनाया और राम लहर में वे विजयी हुए। यह अवसर छोड़ने का मलाल ओम प्रकाश सागर को जीवनभर रहा, जिसकी चर्चा वे अपने निकट सहयोगियों से अक्सर किया करते थे।

निधन की सूचना मिलते ही पूरे भाजपा संगठन में शोक की लहर फैल गई। बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उनके नौबस्ता स्थित आवास पर पहुंच गए। हर चेहरा गमगीन था और वातावरण शोकाकुल हो उठा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वर्गीय ओम प्रकाश सागर की शव यात्रा दोपहर 12:00 बजे उनके आवास से मलिका चबूतरा, शाहगंज के लिए रवाना हुई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। उपस्थित जनसमूह ने उन्हें एक समर्पित कार्यकर्ता, सच्चे समाजसेवी और संघर्षशील नेता के रूप में याद किया।

भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि ओम प्रकाश सागर का निधन संगठन के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका पूरा जीवन संघर्ष, त्याग और संगठन के प्रति निष्ठा का प्रतीक रहा, जिसे पार्टी और समाज हमेशा स्मरण करेगा।