संघ प्रमुख भागवत को ले जा रही शताब्दी एक्सप्रेस पर हमला, खिड़की का शीशा टूटा, टूंडला में हाई अलर्ट
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की शताब्दी एक्सप्रेस पर मक्खनपुर-फिरोजाबाद के बीच पथराव हुआ। एग्जीक्यूटिव क्लास ई-1 कोच की खिड़की का शीशा टूटा, लेकिन भागवत सुरक्षित रहे। टूंडला जंक्शन पर हाई अलर्ट के बीच सुरक्षा जांच की गई। आरपीएफ और जीआरपी ने पथराव करने वालों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इससे पहले भागवत कानपुर में वसुंधरा-यश के आशीर्वाद समारोह में शामिल हुए थे, जहां कई वरिष्ठ संघ और भाजपा नेता मौजूद रहे।
मक्खनपुर-फिरोजाबाद रेलखंड के बीच हुई घटना, संघ प्रमुख सुरक्षित, आरपीएफ-जीआरपी ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
ekफिरोजाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत गुरुवार को कानपुर प्रवास पर थे। दिन में एक पारिवारिक आशीर्वाद समारोह में शामिल होने के बाद वह शाम को शताब्दी एक्सप्रेस से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। इसी दौरान उनकी यात्रा के दौरान एक गंभीर सुरक्षा चूक सामने आई, जब मक्खनपुर और फिरोजाबाद के बीच ट्रेन की एग्जीक्यूटिव क्लास कोच पर पथराव कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार डॉ. मोहन भागवत शताब्दी एक्सप्रेस के एग्जीक्यूटिव क्लास के ई-1 कोच में यात्रा कर रहे थे। ट्रेन जैसे ही मक्खनपुर-फिरोजाबाद रेलखंड से गुजर रही थी, तभी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ट्रेन पर पत्थर फेंका गया। पत्थर सीधे उसी कोच की खिड़की से टकराया, जिसमें संघ प्रमुख सवार थे। टक्कर से खिड़की का एक शीशा टूट गया, जिससे रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में डॉ. मोहन भागवत पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की चोट नहीं आई। सुरक्षा कारणों से ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका गया और उसे निर्धारित गति से आगे बढ़ाया गया। घटना की सूचना मिलते ही टूंडला जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ सतर्क हो गए।
शाम 7:34 बजे जब शताब्दी एक्सप्रेस टूंडला जंक्शन पहुंची तो प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा का कड़ा घेरा बना दिया गया। अधिकारियों ने कोच का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को शाम 7:41 बजे नई दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया।
उधर, आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमों ने मक्खनपुर-फिरोजाबाद रेलखंड के आसपास के क्षेत्रों में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पथराव करने वालों की पहचान के लिए रेलवे ट्रैक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
इससे पहले गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे डॉ. मोहन भागवत कानपुर में भाजपा के पूर्व सांसद सत्यदेव पचौरी की बड़ी पुत्री नीतू सिंह की बेटी वसुंधरा के आशीर्वाद समारोह में शामिल हुए थे। वसुंधरा और यश का विवाह 21 जून को प्रस्तावित है। इस अवसर पर उन्होंने दोनों को सुखद वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।
समारोह में नीतू सिंह ने सरसंघचालक के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उनका स्वागत और अभिवादन किया। परिवार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा और गतिविधियों से जुड़ा रहा है।आशीर्वाद समारोह में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों में वरिष्ठ प्रचारक रामलाल, सुरेश सोनी, अनिल ओक, कमलेश, अशोक बेरी, अभय महाजन, नवल किशोर तथा तेलंगाना के संगठन महामंत्री चंद्रशेखर सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भी समारोह में सहभागिता की। इनमें उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, मंत्री राकेश सचान, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला, विधायक पंकज सिंह, अवनीश अवस्थी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनय कटियार, पूर्व मंत्री अंटू मिश्रा, सांसद सुब्रत पाठक, तरुण विजय, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, विधायक नीलिमा कटियार और विधायक राहुल बच्चा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने भी समारोह में पहुंचकर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और वसुंधरा एवं यश को वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में वीआईपी हस्तियों की मौजूदगी को देखते हुए कानपुर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।