बगावत की अटकलों पर शत्रुघ्न सिन्हा का फुल स्टॉप: बोले- ‘ममता ने मुश्किल वक्त में साथ दिया, उन्हें कभी नहीं छोड़ूंगा’
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी बगावत और टूट की अटकलों के बीच पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने आखिरकार सामने आकर अपने रुख को स्पष्ट कर दिया है। पिछले कई दिनों से उनके नाम को भी कथित बागी सांसदों के साथ जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन शुक्रवार को मीडिया के सामने आए सिन्हा ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ सकते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन के कठिन दौर में ममता बनर्जी ने उनका साथ दिया था और वह उस विश्वास को कभी नहीं तोड़ेंगे।
कई दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ हूं
मीडिया से बातचीत में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि पिछले कई दिनों से उनका नाम लगातार चर्चा में है। उन्होंने कहा, ‘चारों ओर मेरी ही चर्चा हो रही है। कुछ लोग सही बातें कह रहे हैं तो कुछ गलत बातें फैला रहे हैं। ऐसे में स्पष्टवादिता की मांग है कि मैं स्वयं सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करूं।‘
ममता बनर्जी का साथ कभी नहीं छोड़ सकता
सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उस समय उनका साथ दिया था, जब राजनीतिक परिस्थितियां उनके खिलाफ थीं। उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी ने दुख की घड़ी में मेरा साथ दिया था। ऐसे में मैं उनकी कठिन घड़ी में उनका साथ कतई नहीं छोड़ सकता।‘
उन्होंने आगे कहा कि वह टीएमसी के चुनाव चिह्न पर आसनसोल से दो बार जीतकर संसद पहुंचे हैं और इसके लिए वह ममता बनर्जी के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेंगे।
पटना की हार का भी किया जिक्र
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वह पटना से चुनाव हारे थे या उन्हें हराया गया था, तब बहुत कम लोग उनके साथ खड़े थे। उस समय ममता बनर्जी ने ही उन्हें बुलाया और पश्चिम बंगाल के आसनसोल से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया।
उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी ने मुझ पर भरोसा जताया। मैंने पहले उपचुनाव जीता और फिर 2024 का लोकसभा चुनाव भी जीता। यह विश्वास और समर्थन मैं कभी नहीं भूल सकता।‘
बागी गुट में शामिल होने की चर्चा को किया खारिज
सिन्हा ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ लोगों ने उन्हें कथित बागी गुट में शामिल होने का सुझाव दिया था। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह ऐसे किसी समूह का हिस्सा नहीं हैं और न ही पार्टी छोड़ने का कोई इरादा रखते हैं।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें बागी गुट में शामिल होने का सुझाव दिया, उनका भी वह सम्मान करते हैं। वे भी अच्छे लोग हैं, लेकिन उनका निर्णय स्पष्ट है और वह ममता बनर्जी के साथ बने रहेंगे।
टीएमसी में जारी है सियासी संकट
गौरतलब है कि हाल के दिनों में टीएमसी के कई नेताओं, सांसदों और विधायकों के बागी तेवर सामने आए हैं। कुछ नेताओं के इस्तीफे और पार्टी नेतृत्व विशेषकर अभिषेक बनर्जी को लेकर उठ रही नाराजगी ने पार्टी के भीतर हलचल बढ़ा दी है। ऐसे समय में शत्रुघ्न सिन्हा का खुलकर ममता बनर्जी के समर्थन में आना पार्टी नेतृत्व के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।
ममता के प्रति निष्ठा का दिया संदेश
अपने बयान के माध्यम से शत्रुघ्न सिन्हा ने साफ संकेत दिया है कि तमाम राजनीतिक उथल-पुथल और अटकलों के बावजूद उनकी निष्ठा ममता बनर्जी और टीएमसी के प्रति बरकरार है। इससे उन चर्चाओं पर भी विराम लग गया है, जिनमें उन्हें पार्टी के संभावित बागी नेताओं की सूची में शामिल बताया जा रहा था।