श्रीराम वन गमन पथ यात्रा: आगरा के डॊ. मुकेश चौहान की 20 हजार किलोमीटर लम्बी सोलो बाइक साधना, सनातन, इतिहास और साहस का विराट अभियान 16 जनवरी से

आगरा। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास मार्ग को धरातल पर अनुभव करने, समझने और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ आगरा के प्रसिद्ध बाइक राइडर, ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूब चैनल “Solo Explorer” के संचालक एवं रोटरी क्लब ऑफ आगरा डिवाइन के सचिव डॉ. मुकेश चौहान एक ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकल मोटरसाइकिल अभियान पर निकलने जा रहे हैं। श्रीराम वन गमन पथ यात्रा न केवल एक साहसिक राइड है, बल्कि सनातन संस्कृति, रामायणकालीन इतिहास, सामाजिक समरसता और शोध का जीवंत संगम है।

Jan 7, 2026 - 20:12
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श्रीराम वन गमन पथ यात्रा: आगरा के डॊ. मुकेश चौहान की 20 हजार किलोमीटर लम्बी सोलो बाइक साधना, सनातन, इतिहास और साहस का विराट अभियान 16 जनवरी से
श्रीराम वन गमन पथ यात्रा के पोस्टर का विमोचन करते डॊ. मुकेश चौहान संग महंत योगेशपुरी, भगत सिंह बघेल, डॉ. मुकेश गोयल, डॉ. अनुपम गुप्ता, नवीन अग्रवाल, डॉ. शरद गुप्ता, सुनील कपूर, डॉ. बी.एस. चौहान, मनोज जादौन एवं अन्य।

दयालबाग निवासी डॉ. मुकेश चौहान ने पत्रकारों को बताया कि यह यात्रा भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और वनवास काल में जिन स्थलों पर वे गए, उन ऐतिहासिक और पवित्र स्थानों को जोड़ने का विनम्र प्रयास है। रामायण में दर्ज ये स्थल आज भी अनेक जिज्ञासाओं से घिरे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य इन्हें खोज, संवाद और अध्ययन के माध्यम से समाज के सामने लाना है।

75 दिनों में 20 हजार किलोमीटर की यात्रा

यह सोलो बाइक यात्रा करीब 75 दिनों में लगभग 20,000 किलोमीटर की होगी, जिसमें आठ भारतीय राज्यों के साथ श्रीलंका भी शामिल रहेगा। यात्रा का औपचारिक शुभारंभ 16 जनवरी 2026 को प्रातः 11 बजे सेठ पदम चंद जैन इंस्टीट्यूट, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, खंदारी कैंपस आगरा से होगा। इसके बाद 18 जनवरी 2026 को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या के हनुमान गढ़ी में राम भक्त हनुमान जी के आशीर्वाद के साथ श्रीराम वन गमन पथ पर विधिवत यात्रा प्रारंभ होगी।

ये हैं यात्रा के प्रमुख उद्देश्य

डॉ. मुकेश चौहान ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से रामायण में वर्णित श्रीराम के वनवास मार्ग से जुड़े पवित्र स्थलों का सामाजिक व ऐतिहासिक शोध, भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और प्राचीन मार्गों का गहन अध्ययन, स्थानीय जनमानस से संवाद कर लोककथाओं और परंपराओं का संकलन, युवाओं और आने वाली पीढ़ी में सनातन संस्कृति, मर्यादा और इतिहास के प्रति जागरूकता हिंदू समाज को जातीय भ्रमजाल से मुक्त करने का वैचारिक प्रयास, इस सम्पूर्ण यात्रा को पुस्तक के रूप में संकलित कर सनातनी युवाओं के समक्ष प्रस्तुत करना जैसे लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

200 से अधिक रामायणकालीन स्थलों तक पहुंचेगी यात्रा

इस यात्रा में अयोध्या, श्रृंगवेरपुर, प्रयागराज, चित्रकूट, दंडकारण्य क्षेत्र, नाशिक (पंचवटी), किष्किंधा क्षेत्र (हनुमान जन्मस्थली), रामेश्वरम और लंका की ओर के मार्ग शामिल हैं। तुलसीकृत रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण सहित अनेक ग्रंथों के अध्ययन व महीनों के शोध के बाद 200 से अधिक रामायणकालीन स्थलों को इस यात्रा में सम्मिलित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में स्थित हैं।

मुख्यमंत्री योगी का आशीर्वाद

इस आध्यात्मिक और शोधपरक अभियान की सफलता की कामना करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मुकेश चौहान को शुभकामना पत्र प्रेषित किया है, जिससे यात्रा को नई ऊर्जा और संबल मिला है।

अनुभवों का होगा डिजिटल दस्तावेजीकरण

यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभव, दुर्लभ स्थलों की जानकारी, फोटो और वीडियो नियमित रूप से सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनल Solo Explorer के माध्यम से देश-विदेश के सनातनी दर्शकों तक पहुंचाए जाएंगे। इस यात्रा के प्रारंभिक चरण में डॉ. बीएस चौहान और डॉ. सीपी गुप्ता चित्रकूट तक डॉ. मुकेश चौहान के साथ रहेंगे।

पत्रकार वार्ता के दौरान श्री मनःकामेश्वर महादेव मंदिर के महंत योगेश पुरी, यात्रा संरक्षक डॉ. मुकेश गोयल, यात्रा संरक्षक एवं रोटरी क्लब ऑफ आगरा डिवाइन के अध्यक्ष डॉ. अनुपम गुप्ता, कार्यक्रम संयोजक नवीन अग्रवाल, डॉ. शरद गुप्ता, सुनील कपूर, डॉ. बी.एस. चौहान, डॉ. सुमंत सिंह, अमित अग्रवाल, भगत सिंह बघेल, मनोज जादौन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor