श्रीमद् भागवत कथाः ध्रुव की तपस्या और प्रह्लाद की भक्ति भक्त–भगवान के शाश्वत संबंध का जीवंत साक्ष्य
आगरा। श्रीमद् भागवत महापुराण केवल एक धर्मग्रंथ नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के उस अविच्छिन्न, आत्मीय और अमर संबंध की जीवंत गाथा है, जहां अडिग आस्था तप बनकर प्रभु को प्रकट करती है और निष्काम भक्ति हर संकट में भी डगमगाती नहीं। समाधि पार्क मंदिर, सूर्य नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस यही दिव्य भाव प्रत्येक श्रद्धालु के हृदय में उतरता हुआ दिखाई दिया।
मुख्य अतिथि केंद्र सरकार के राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, मुख्य संरक्षक अजय अग्रवाल, संयोजक मनोज अग्रवाल पोली भाई एवं उमेश बंसल बालाजी ने विधिवत व्यास पीठ की आरती उतारकर प्रभु चरणों में श्रद्धा अर्पित की। इसके पश्चात मुख्य यजमान संजय गुप्ता, संगीता गुप्ता एवं रोहित जैन द्वारा परंपरागत व्यास पूजन किया गया।
इस अवसर पर श्रीधाम वृन्दावन से पधारी भागवत विदुषी कथा व्यास श्री कीर्ति किशोरी ने ध्रुव चरित्र एवं भक्त प्रह्लाद चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण, ओजस्वी और प्रेरक वर्णन किया। कथा प्रवाह के मध्य जैसे ही- हरी बोल मेरी रसना, हरि हरि…का मधुर भजन गूंजा, पूरा कथा पंडाल हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा और श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि बालक ध्रुव की तपस्या संकल्प, धैर्य और लक्ष्य के प्रति अडिग विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रह्लाद की भक्ति तपस्या नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम और अखंड विश्वास का स्वरूप है। पिता हिरण्यकशिपु के अत्याचार, भय और यातनाएं भी उसे प्रभु नाम से विमुख नहीं कर सकीं। अंततः भगवान नरसिंह अवतार में प्रकट होकर भक्त की रक्षा करते हैं। यह लीला प्रमाण है कि भगवान अपने भक्त के लिए स्वयं बंध जाते हैं।
कथा व्यास ने सामाजिक संदेश देते हुए कहा कि यदि समाज ध्रुव जैसा संकल्प और प्रह्लाद जैसी भक्ति को जीवन में उतार ले, तो अहंकार, हिंसा और तनाव स्वतः समाप्त हो सकते हैं। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि बच्चों में भक्ति के साथ-साथ सत्य, धैर्य और सेवा के संस्कार विकसित करें।
मुख्य अतिथि प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कारित और सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे आयोजनों से भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा नई पीढ़ी तक पहुंचती है।
कार्यक्रम संयोजक मनोज अग्रवाल पोली भाई ने जानकारी दी कि सोमवार को भगवान के विभिन्न अवतरणों की लीला कथा एवं नंदोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
तृतीय दिवस की कथा के समापन पर महाआरती एवं प्रसादी वितरण हुआ। श्रद्धालुओं ने ध्रुव की तपस्या और प्रह्लाद की भक्ति से प्रेरणा लेते हुए प्रभु चरणों में नमन किया।