एसएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग ने सैनिक को दूसरी ज़िंदगी दी, सफल रेस्क्यू पीसीआई

आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज एक बार फिर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में अपनी उत्कृष्ट क्षमता साबित करने में सफल रहा। ड्यूटी के दौरान दिल का दौरा झेल रहे एक सेवारत सैनिक की जान बचाने के लिए कार्डियोलॉजी विभाग ने असाधारण तत्परता और विशेषज्ञता दिखाई। मिलिट्री अस्पताल से आपातकालीन कॉल मिलते ही विभागाध्यक्ष डॉ. बसंत गुप्ता के नेतृत्व में पूरी कैथ लैब टीम ने सैनिक पर रेस्क्यू पीसीआई सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के बाद सैनिक की स्थिति पूरी तरह स्थिर है।

Aug 23, 2025 - 12:17
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एसएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग ने सैनिक को दूसरी ज़िंदगी दी, सफल रेस्क्यू पीसीआई
एसएन मेडिकल कॊलेज में सेना को जवान को नया जीवन देने वाली टीम कैथ लैब में मरीज के साथ। पहले चित्र में जवान को लेकर आए सेना के अधिकारी डॊ. बसंत गुप्ता के साथ।

ड्यूटी पर तैनात सेना के एक जवान को दिल का दौरा पड़ा। जवान को तत्काल मिलिट्री अस्पताल, आगरा ले जाया गया, जहां उन्हें थ्रोम्बोलिसिस दिया गया। शुरुआत में स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन दो घंटे बाद सैनिक को दोबारा सीने में दर्द हुआ। चिकित्सकों ने तुरंत ईसीजी की तो उसमें गंभीर बदलाव दिखाई दिए।

जवान की स्थिति को देखते हुए मिलिट्री अस्पताल की टीम ने तुरंत एसएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. बसंत कुमार गुप्ता से संपर्क किया। मिलिट्री अस्पताल की एक आपातकालीन कॉल पर कार्डियोलॉजी विभाग ने तुरंत रेस्क्यू पीसीआई शुरू करने का निर्णय लिया।

डॉ. बसंत गुप्ता के नेतृत्व में पूरी कैथ लैब टीम को तुरंत बुलाया गया, जिसमें छुट्टी पर गए कुछ कर्मचारी भी शामिल थे। टीम ने पूरी तैयारी के साथ कैथ लैब में सैनिक का इंतजार किया। मिलिट्री अस्पताल से मेजर डॉ. रोहित जैन और अन्य के साथ रोगी को सीधे एसएन की कैथ लैब में लाया गया।

कॉलेज में डॉ. बसंत गुप्ता और डॉ. सौरभ नागर ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू पीसीआई प्रक्रिया पूरी की। यह ऑपरेशन न केवल समय पर किया गया, बल्कि इसमें उच्च स्तर की विशेषज्ञता और टीम वर्क भी देखने को मिला। ऑपरेशन के बाद सैनिक की स्थिति स्थिर है और उन्हें अब सीने में कोई दर्द नहीं है।

एसएन के प्रिंसिपल प्रोफेसर प्रशांत गुप्ता ने इस सफल ऑपरेशन के लिए पूरी कार्डियोलॉजी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे डॉक्टरों और कर्मचारियों की तत्परता और समर्पण पर हमें गर्व है। यह घटना हमारे अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को दर्शाती है। हम भविष्य में भी ऐसे ही उच्च मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि यह घटना एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि कैसे हमारे अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग अब शाम 4 बजे के बाद भी आपातकालीन स्थिति में रेस्क्यू पीसीआई जैसी जटिल प्रक्रियाएं कर सकता है।

SP_Singh AURGURU Editor