विधान परिषद चुनाव में अंतिम समय में सपा का बड़ा दांव, आगरा खंड शिक्षक सीट पर आकाश अग्रवाल को उतारा
सपा ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में अंतिम समय पर दो प्रत्याशियों को बदल दिया है। आगरा खंड शिक्षक सीट पर शशांक यादव की जगह 2020 में शिक्षक सीट पर निर्दलीय चुनाव जीत चुके डॉ. आकाश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया गया है। आकाश अग्रवाल ने 2020 में भाजपा प्रत्याशी दिनेश चंद्र वशिष्ठ को 2,376 वोटों से हराया था। वहीं गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी को टिकट मिला है, जो भाजपा में टिकट के दावेदार थे।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने अंतिम समय में अपने प्रत्याशियों में बड़ा बदलाव करते हुए आगरा खंड शिक्षक सीट पर नया दांव चला है। पार्टी ने पहले घोषित प्रत्याशी राम प्रकाश गुप्ता की जगह अब डॉ. आकाश अग्रवाल को मैदान में उतारा है। वहीं गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भी सपा ने पूर्व घोषित प्रत्याशी कमलेश यादव को बदलकर डॉ. संजयन त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया है।
आगरा खंड स्नातक सीट पर डॉ. आकाश अग्रवाल की एंट्री को सपा के अंतिम समय के बड़े राजनीतिक दांव के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि आकाश अग्रवाल शिक्षक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत चुके हैं। शनिवार को उन्होंने लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की और समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद पार्टी ने उन्हें आगरा खंड शिक्षक सीट से अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया।
पहले शशांक यादव थे सपा के प्रत्याशी
आगरा खंड शिक्षक सीट पर सपा ने पहले राम प्रकाश को प्रत्याशी घोषित किया था। चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी ने अब अचानक प्रत्याशी बदलते हुए आकाश अग्रवाल पर भरोसा जताया है। इस बदलाव के बाद आगरा की राजनीति में विधान परिषद चुनाव को लेकर नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। आकाश अग्रवाल के पक्ष में सबसे अहम तथ्य उनका पिछला चुनावी प्रदर्शन है। वह वर्ष 2020 में आगरा खंड शिक्षक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीत चुके हैं। उस चुनाव में उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी दिनेश चंद्र वशिष्ठ को शिकस्त दी थी।
2020 में भाजपा प्रत्याशी को 2,376 वोटों से हराया था
वर्ष 2020 के चुनाव में मतगणना और एलिमिनेशन राउंड के बाद डॉ. आकाश अग्रवाल को 6,690 वोट मिले थे। वहीं भाजपा प्रत्याशी दिनेश चंद्र वशिष्ठ को 4,314 वोट प्राप्त हुए थे। इस तरह आकाश अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी को 2,376 वोटों के अंतर से हराकर आगरा खंड स्नातक सीट पर जीत दर्ज की थी। अब वही आकाश अग्रवाल सपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरेंगे।
बीजेपी में टिकट के दावेदार रहे संजयन त्रिपाठी भी सपा के साथ
सपा ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भी बड़ा बदलाव किया है। यहां पार्टी ने पहले कमलेश यादव को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन अब उनकी जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी को टिकट दिया गया है। संजयन त्रिपाठी के नाम को लेकर भी राजनीतिक रूप से यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह भाजपा में टिकट के दावेदार थे, लेकिन भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद अब सपा ने उन्हें अपने प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतार दिया है।
दो सीटों पर अंतिम समय में बदलाव से बढ़ी राजनीतिक हलचल
सपा के इन दोनों प्रत्याशियों में बदलाव ने विधान परिषद चुनाव की सियासत को नया मोड़ दे दिया है। खासकर आगरा खंड शिक्षक सीट पर ऐसे चेहरे को उतारना, जो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत चुका है, पार्टी की रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। आकाश अग्रवाल के पुराने चुनावी प्रदर्शन के आंकड़े भी इस बदलाव को अहम बनाते हैं। वर्ष 2020 में निर्दलीय रहते हुए भाजपा प्रत्याशी को हराने के बाद अब वह सपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में होंगे। ऐसे में इस बार उनका मुकाबला केवल व्यक्तिगत चुनावी पहचान का नहीं, बल्कि पार्टी संगठन और राजनीतिक समर्थन के साथ भी जुड़ गया है। सपा के इस अंतिम समय के फैसले के बाद आगरा खंड स्नातक सीट पर चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब देखना होगा कि निर्दलीय रहते हुए 2020 में जीत दर्ज करने वाले आकाश अग्रवाल सपा के प्रत्याशी के तौर पर अपने पुराने प्रदर्शन को किस तरह चुनावी समर्थन में बदल पाते हैं।