श्रीकृष्ण लीलाः रुक्मणि हरण लीला ने मोहा मन, भक्ति और उल्लास में डूबा गौशाला प्रांगण

आगरा। बल्केश्वर स्थित गौशाला प्रांगण में चल रहे श्रीकृष्ण लीला महोत्सव में बुधवार की रात भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम देखने को मिला। जब रथ पर सवार श्रीकृष्ण ने रुक्मणि हरण की दिव्य लीला प्रस्तुत की, तो पूरा परिसर जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। पुष्पवर्षा, शंखनाद और हरिनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिरस और उल्लास से भर गया।

Nov 5, 2025 - 22:50
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श्रीकृष्ण लीलाः रुक्मणि हरण लीला ने मोहा मन, भक्ति और उल्लास में डूबा गौशाला प्रांगण
बल्केश्वर स्थित गौशाला प्रांगण में श्री कृष्ण लीला महोत्सव के दौरान रथ पर सवार श्रीकृष्ण संग रुक्मणी हरण का भव्य मंचन।

भव्य श्रीकृष्ण-रुक्मणी मंगल लीला के मंचन में भक्तों ने दिव्य प्रेम कथा का रसपान किया। रथ पर सवार श्रीकृष्ण का आगमन और रुक्मणि हरण प्रसंग कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। दर्शक इस दृश्य में ऐसे डूबे कि पूरा प्रांगण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा।

कथा के अनुसार, रुक्मणि विदर्भ देश के राजा भीष्म की पुत्री और लक्ष्मी जी का अवतार थीं। देवर्षि नारद से श्रीकृष्ण के सौंदर्य और गुणों का वर्णन सुनकर उन्होंने मन ही मन उन्हें पति रूप में वरण किया। परंतु भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया। रुक्मणि ने ब्राह्मण दूत द्वारा श्रीकृष्ण को संदेश भेजा। कृष्ण कुंडिनपुर पहुंचे, युद्ध में शिशुपाल और उसके समर्थक राजाओं को परास्त कर रुक्मणि का हरण किया और लौटते समय रुक्मी का संहार भी किया। तत्पश्चात द्वारका में भव्य विवाह उत्सव संपन्न हुआ।

मुख्य अतिथि तिलकायत श्रीमहंत योगेश पुरी ने स्वरूपों की आरती उतारी और कहा कि यह दिव्य लीला प्रेम, समर्पण और सत्य पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है। श्रीकृष्ण लीला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अध्यात्म का साक्षात् प्रवाह है जो जन-जन में भक्ति का दीप प्रज्वलित करता है।

समिति अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि गुरुवार को श्री खाटू श्याम जी की भजन संध्या और शुक्रवार को हवन के साथ पूर्णाहुति होगी।

उपस्थित गणों में मुकेश गोयल, संजय चेली, संजय गर्ग, केके अग्रवाल, रेनू गोयल, अशोक गोयल, मनोज बंसल, शेखर गोयल, आयुष बंसल, तानुराग गोयल, विजय रोहतगी आदि शामिल रहे।

मेहंदी समारोह में गूंजी शहनाई और भक्ति स्वर

वजीरपुरा स्थित प्राचीन सीताराम मंदिर में श्रीकृष्ण-रुक्मणि के मेंहदी लगातीं मुख्य अतिथि डॉली बंसल। साथ हैं नेहा गुप्ता, सुजाता अग्रवाल, वंदना, ममता, राधिका आदि।

इससे पहले वजीरपुरा स्थित प्राचीन सीताराम मंदिर में रुक्मणी विवाह से पूर्व मेहंदी समारोह भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। बैंड-बाजे और शहनाई की मधुर धुनों के बीच रथ पर सजे श्रीकृष्ण-रुक्मणि स्वरूप मंदिर पहुंचे तो वातावरण जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

मुख्य अतिथि डॉली बंसल और पूर्व पार्षद नेहा गर्ग गुप्ता ने स्वरूपों की आरती उतारी और मेहंदी अर्पित की। महंत अनंत उपाध्याय और पंडित मुकेश शर्मा ने पूजा-अर्चना कराई। सुहागिनों ने मंगलगीत गाए और स्वरूपों की नजर उतारी। महिलाओं में वंदना उपाध्याय, राधिका, ममता उपाध्याय, लता उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, आयुष उपाध्याय, हनी, रिंकिता अग्रवाल, रेनू गर्ग, नीलिमा गर्ग, निशि नेहरू, सुजाता अग्रवाल, रोहिणी, शिल्पी रस्तोगी, नीरू रोहतगी, शिप्रा, प्रभा गर्ग, पूजा बंसल आदि शामिल रहीं।

SP_Singh AURGURU Editor