दो लाख के इनामी अपराधी सुमित चौधरी को भारत-नेपाल सीमा के पास से एसटीएफ ने दबोचा
-आरके सिंह- बरेली। जिले के सबसे कुख्यात और दो लाख रुपये के इनामी अपराधी सुमित चौधरी को एसटीएफ ने गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा के पास से दबोच लिया। वह नेपाल भागने की फिराक में था। लंबे समय से पुलिस उसकी तलाश में थी। इस गिरफ्तारी के बाद उसे बदायूं सिविल लाइंस थाने में लिखापढ़ी के बाद जेल भेजा जाएगा।
एसटीएफ के एएसपी अब्दुल कादिर के मुताबिक, सुमित पीलीभीत और टनकपुर के रास्ते नेपाल भागने की योजना बना रहा था। टीम ने सीमा के पास उसे पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की है।
सुमित मुरादाबाद के हजरतगढ़ी थाना क्षेत्र का निवासी है। साल 2018 में उसने बदायूं जेल से कुख्यात साथी चंदन की मदद से दीवार फांदकर फरार हो गया था। उस पर प्रदेश के एडीजी अपराध ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
एसटीएफ ने लंबे समय तक उसकी तलाश की। सुमित बेहद शातिर था और मोबाइल फोन का इस्तेमाल बहुत कम करता था, जिससे उसे सर्विलांस में पकड़ पाना कठिन था।
सुमित का नाम पहली बार चर्चा में आया था, जब उसने 23 फरवरी 2015 को डिलारी के गांव हिमांयूपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा की कचहरी परिसर में हत्या कर दी थी। योगेंद्र उस समय रिंकू चौधरी हत्याकांड में जेल में बंद था और पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट पेशी के लिए लाया गया था।
सितंबर 2015 में सुमित को मुरादाबाद से बदायूं जेल शिफ्ट किया गया। 12 मई 2018 को उसने कुख्यात अपराधी चंदन के साथ मिलकर जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया। तब से पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई थी। अब बरेली एसटीएफ ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।